Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में भारी बारिश का दौर थमा, मगर 4 अक्टूबर तक गर्जन और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी
झारखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी आफत की भारी बारिश के बाद अब मौसम की तीव्रता में कमी देखने को मिली है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और डालटनगंज समेत कई इलाकों में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, निचले इलाकों में पानी भर गया था और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। अब सिस्टम के कमजोर होने से भारी बारिश का दबाव कम हुआ है और धूप-छांव का खेल शुरू हो गया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Ranchi) के अनुसार इसे बारिश का स्थायी अंत नहीं माना जा सकता, बल्कि यह केवल एक अस्थायी विराम या 'इंटरवल' है। वायुमंडल में मौजूद नमी और स्थानीय ट्रफ के कारण 4 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
4 अक्टूबर तक यलो अलर्ट: किन इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की है आशंका?
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, भारी बारिश का कोई बड़ा रेड या ऑरेंज अलर्ट नहीं है, लेकिन गरज-चमक और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर 4 अक्टूबर तक यलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 और 30 सितंबर को मध्य झारखंड (रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो) और दक्षिणी भाग (कोल्हान प्रमंडल - पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला) में स्थानीय स्तर पर बादल बनने से हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं 2 और 3 अक्टूबर को संताल परगना (देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज) तथा उत्तर-पूर्वी जिलों में बादलों की सक्रियता बढ़ने और कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
रांची का तापमान और उमस भरी गर्मी का असर
राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर हल्के से मध्यम बादल छाए रहने और बीच-बीच में धूप निकलने का अनुमान है। बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि, शाम के समय लोकल कन्वेक्टिव क्लाउड बनने के कारण शहर के बाहरी हिस्सों में अचानक तेज बौछारें पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की जरूरी एडवाइजरी
लगातार हो रही बारिश में कमी आने से उन किसानों को बड़ी राहत मिली है जिनके खेतों में पानी जमा होने से धान और खरीफ की सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा था। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें और मौसम साफ रहने पर ही कीटनाशक या खाद का छिड़काव करें। साथ ही मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। खराब मौसम, बादलों की तेज गड़गड़ाहट या चमक के दौरान खेतों में काम कर रहे लोग, पशुपालक और राहगीर खुले मैदानों या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान में चले जाएं।