मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, पूछे पांच तीखे सवाल
देश की राजनीति में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान मच गया है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण पर सवाल उठाते हुए और इसके खिलाफ सड़क पर विरोध मार्च का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पार्टी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद करारा पलटवार किया है। भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के सामने पांच तीखे प्रश्न रखते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फर्जी राशन कार्ड और मनरेगा का दिया हवाला
भाजपा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि जब देश में भाजपा सरकार आने के बाद गहन जांच की गई, तो देश भर में 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड सामने आए। इसके अलावा, मनरेगा लाभार्थियों की सूची की जांच करने पर पता चला कि साल 2019 के बाद लगभग 4 करोड़ 45 लाख ऐसे लोग सूची में शामिल थे, जो जमीनी स्तर पर अस्तित्व में ही नहीं थे लेकिन फर्जी तरीके से मनरेगा की मजदूरी प्राप्त कर रहे थे।
इस बड़े आंकड़े का हवाला देते हुए भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि सरकारी योजनाओं की लाभार्थियों की सूचियों में इतने बड़े पैमाने पर फर्जी नाम निकल सकते हैं, तो क्या मतदाता सूची में संदिग्ध और फर्जी नाम नहीं हो सकते? उन्होंने यह भी पूछा कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के संदिग्ध मतदाताओं को मताधिकार जारी रखकर आखिर कांग्रेस किसे राजनीतिक लाभ पहुंचाना चाहती है? इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असम की जिस धुबरी सीट पर सबसे अधिक घुसपैठ की चर्चा रही, वहीं पर कांग्रेस को सबसे बड़ी और लगभग दस लाख वोटों से जीत हासिल हुई थी।
संवैधानिक संस्थाओं पर भ्रम फैलाने का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्य विपक्षी दल पर चुनाव आयोग और अन्य प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम और अविश्वास फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के पुराने वीडियो भी दिखाए, जिसमें वे खुद यह मानते नजर आए थे कि मतदाता सूची से डुप्लीकेट, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों की जांच करना बेहद आवश्यक है। हालांकि, अब जब जांच की प्रक्रिया जमीन पर उतर रही है, तो कांग्रेस उस पर राजनीति कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावों में मिल रही करारी हार के कारण पार्टी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुकी है। उन्होंने विपक्ष के तेवरों पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
13 करोड़ काटे गए नामों का सच क्या है?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा ने उन आंकड़ों पर भी सफाई दी, जिन पर कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है। भाजपा का दावा है कि आज जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की बात कांग्रेस नेता कर रहे हैं, उनमें से 2.8 करोड़ लोग मृत (Dead) हो चुके हैं, 6.3 करोड़ लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, लगभग 1 करोड़ लोग डुप्लीकेट हैं जिनका नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज था, और करीब 3 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अनुपस्थित या नॉन-ट्रेसेबल (Non-traceable) पाए गए हैं। इसके बावजूद यदि किसी वास्तविक मतदाता के पास वैध आधार या दस्तावेज है, तो चुनाव आयोग के नियमों के तहत वे अपने कागजात दिखाकर सूची में नाम दुरुस्त करवा सकते हैं।
भाजपा द्वारा कांग्रेस से पूछे गए 5 तीखे सवाल
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पहला सवाल: कांग्रेस पार्टी ने आज तक देश की कितनी संवैधानिक संस्थाओं के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनमें से कितने आरोप सच साबित हुए हैं?
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दूसरा सवाल: अगर मनरेगा योजना में साढ़े चार करोड़ और राशन कार्ड सूचियों में 5.8 करोड़ संदिग्ध लोग पकड़े जा सकते हैं, तो कांग्रेस के पास ऐसा कौन-सा अपूर्व ज्ञान है जिसके आधार पर उसे लगता है कि वोटर लिस्ट में संदिग्ध या फर्जी लोग नहीं हो सकते?
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तीसरा सवाल: पिछले एसआईआर (SIR) 2003 से पहले जिन राज्यों से कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो चुकी है और सदा-सर्वदा के लिए गायब हो गई है, उसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?
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चौथा सवाल: आज तक राहुल गांधी ने देश में हुए कितने चुनावों में लगातार एक हफ्ता, डेढ़ हफ्ता या दो हफ्ता कैंप करके पूरी मेहनत से प्रचार किया है?
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पांचवां सवाल: वर्तमान में देश के कुछ राज्यों में उपचुनाव चल रहे हैं, क्या कांग्रेस ने उन उपचुनाव वाले क्षेत्रों की वोटर लिस्ट की अच्छी तरह जांच कर ली है या नहीं?