"मेरी पत्नी औरत है!"... यह साबित करने के लिए कोर्ट में सबूत पेश करेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति!

Post

पेरिस:दुनिया की राजनीति में शायद ही कभी ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया होगा। सोचिए, एक देश के राष्ट्रपति को अदालत में जाकर यह साबित करना पड़े कि उसकी पत्नी, यानी देश की फर्स्ट लेडी, एक महिला हैं! सुनने में यह किसी भद्दे मजाक जैसा लगता है, लेकिन यह सच है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों के सम्मान की रक्षा के लिए अब कानूनी लड़ाई लड़ने जा रहे हैं।

यह मामला एक ऐसी शर्मनाक और झूठी अफवाह से जुड़ा है, जो सालों से इंटरनेट पर फैलाई जा रही है।

क्या है वह भद्दी अफवाह?

पिछले कई सालों से, खासकर धुर-दक्षिणपंथी और साजिशों पर यकीन करने वाले गुटों द्वारा, सोशल मीडिया पर यह baseless अफवाह फैलाई जा रही है कि फ्रांस की फर्स्ट लेडी ब्रिजिट मैक्रों जन्म से एक महिला नहीं हैं। अफवाह फैलाने वालों का दावा है कि वह एक ट्रांसजेंडर महिला हैं और उनका जन्म एक पुरुष के रूप में हुआ था, जिसका नाम 'जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स' था।

यह अफवाह इतनी ज्यादा फैल गई कि इसने ब्रिजिट मैक्रों और उनके परिवार को मानसिक रूप से बहुत परेशान कर दिया है।

अब राष्ट्रपति उठाएंगे ये बड़ा कदम

अब और बर्दाश्त नहीं... राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस भद्दे प्रचार को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है। वह इस मामले को अदालत में ले जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके वकील अदालत के सामने यह साबित करने के लिए "फोटोग्राफिक और वैज्ञानिक सबूत" पेश करेंगे कि ब्रिजिट मैक्रों जन्म से ही एक महिला हैं और यह अफवाह पूरी तरह से मनगढ़ंत है।

यह पहली बार है जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति अपनी पत्नी के लिंग की पुष्टि के लिए इस तरह की कानूनी कार्रवाई कर रहा है, जो यह दिखाता है कि यह मामला उनके लिए कितना व्यक्तिगत और तकलीफदेह बन चुका है।

यह मामला सिर्फ फ्रांस की फर्स्ट लेडी के सम्मान का नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया के इस दौर में फर्जी खबरें और अफवाहें किसी भी सम्मानित व्यक्ति की जिंदगी को तबाह कर सकती हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस अनोखे मुकदमे पर टिकी हैं, जहां एक पति अपनी पत्नी के अस्तित्व और सम्मान के लिए लड़ रहा है।