Muzaffarnaga Van Fire: स्कूल वैन बनी आग का गोला, 5 मासूम बच्चे और चालक झुलसे स्कूल प्रबंधक गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) की सुबह एक भीषण हादसा हो गया। पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव समसो के पास आशीष इंग्लिश एकेडमी की एक स्कूल वैन में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। देखते ही देखते वैन आग का गोला बन गई, जिससे उसमें सवार 5 बच्चे और चालक गंभीर रूप से झुलस गए। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने स्कूल प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।
1. घटना का विवरण: मासूमों की चीख-पुकार से दहला इलाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब सवा आठ बजे वैन चालक अमित कुमार लगभग 10 बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा था।
अचानक लगी आग: जैसे ही वैन गांव समसो में प्राथमिक विद्यालय के पास पहुंची, इंजन से धुआं निकलने लगा। जब तक चालक कुछ समझ पाता, वैन के भीतर आग की लपटें फैल गईं।
ग्रामीणों का साहस: बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए जलती वैन के शीशे तोड़कर और दरवाजा खोलकर बच्चों को बाहर निकाला।
घायल: इस हादसे में 5 बच्चे— अवंतिका (5), अज्ञान (4), अयान (3), सूर्यांशु (4) और एक अन्य— झुलस गए। चालक अमित भी बच्चों को बचाने के प्रयास में घायल हुआ है।
2. प्रशासन की कार्रवाई: स्कूल प्रबंधक हिरासत में
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
प्रबंधक की गिरफ्तारी: पुलिस ने स्कूल के प्रबंधक (जो केरल के निवासी बताए जा रहे हैं) को लापरवाही बरतने और बिना फिटनैस मानकों के वैन संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
वैन की स्थिति: शुरुआती जांच में सामने आया है कि वैन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और वह पेट्रोल चालित थी, जिसमें शॉर्ट सर्किट की वजह से आग फैली।
3. घायलों का उपचार और जांच के आदेश
घायल बच्चों को तुरंत पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उत्तराखंड (रुड़की/ऋषिकेश) के उच्च संस्थानों में रेफर किया गया है।
डीएम का आदेश: जिलाधिकारी और एसएसपी ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही जिले के सभी निजी स्कूलों की वैन और बसों के 'फिटनैस सर्टिफिकेट' की दोबारा जांच करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
परिवहन विभाग सक्रिय: एआरटीओ विभाग अब उन सभी वाहनों को सीज करने की तैयारी में है जो पुराने हैं या अवैध तरीके से स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं।
अभिभावकों में भारी आक्रोश
घटना के बाद घायल बच्चों के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते वे नहीं पहुंचते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो अन्य स्कूल प्रबंधनों के लिए नजीर बनेगी।