Munich Security Conference: पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर को सुरक्षा जांच के लिए रोका गया; म्यूनिख में प्रोटोकॉल के आगे झुकना पड़ा 'फील्ड मार्शल' का रूतबा

Post

म्यूनिख/नई दिल्ली। जर्मनी में आयोजित प्रतिष्ठित 'म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन' (MSC) से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वैश्विक नेताओं और सैन्य दिग्गजों के इस जमावड़े में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को उस समय एक असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब सम्मेलन स्थल के प्रवेश द्वार पर तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें कुछ देर के लिए रोक दिया। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन अपनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था और कड़े प्रोटोकॉल के लिए जाना जाता है, जहाँ पद से ऊपर प्रक्रिया को रखा जाता है।

पहचान पत्र को लेकर हुई टोका-टाकी: प्रोटोकॉल की कड़ाई

यह घटना तब हुई जब जनरल मुनीर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मेलन स्थल में प्रवेश कर रहे थे। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारी ने देखा कि मुनीर का आधिकारिक पहचान पत्र (Identity Badge) स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था।

क्या हुआ: अधिकारी ने मुनीर को रोककर उन्हें अपना बैज ठीक से दिखाने का निर्देश दिया।

वीडियो वायरल: इस घटना का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षा अधिकारी को औपचारिक लेकिन सख्त लहजे में मुनीर की ओर इशारा करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में अधिकारी मुनीर को बैज ठीक करने और सुरक्षा घेरे (रस्सी) के नियमों का पालन करने का अनुरोध कर रहा है।

बाहर सिंधी संगठनों का भारी विरोध: 'पाकिस्तान गो बैक' के नारे

जिस समय जनरल मुनीर अंदर सुरक्षा जांच से गुजर रहे थे, सम्मेलन स्थल के बाहर पाकिस्तान की उपस्थिति के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहा था।

प्रदर्शनकारी: जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन 'जी सिंध मुत्तहिदा महाज़' (JSMM) के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर मोर्चा खोल रखा था।

शफी बुरफत का बयान: संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने एक कड़ा बयान जारी कर पाकिस्तान सेना द्वारा सिंध और अन्य प्रांतों में किए जा रहे कथित दमन पर वैश्विक नेताओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

प्रोटोकॉल के सामने सब बराबर: म्यूनिख का कड़ा संदेश

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सुरक्षा मंच है। यहाँ अमेरिका, यूरोप और एशिया के सबसे शक्तिशाली नेता और राजनयिक एकत्रित होते हैं। जानकारों का कहना है कि इस मंच पर बैज की जांच एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन पाकिस्तान में असीमित शक्तियों का आनंद लेने वाले सेना प्रमुख के लिए एक सामान्य सुरक्षाकर्मी द्वारा रोका जाना अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी प्रतिष्ठा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।