Multigrain Flour Advantages : दिल को रखना है फिट? तो आज ही अपनी रोटी में शामिल करें ये 4 तरह के आटे
News India Live, Digital Desk: आजकल की दुनिया में "कोलेस्ट्रॉल" एक ऐसा शब्द बन गया है, जिसे सुनकर ही टेंशन हो जाती है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल मतलब दिल की बीमारियों को सीधा-सीधा बुलावा। ये हमारी खून की नसों में धीरे-धीरे जमा होकर उन्हें ब्लॉक कर देता है, जिससे हार्ट अटैक तक का खतरा पैदा हो जाता है। हम इसे कंट्रोल करने के लिए न जाने क्या-क्या उपाय करते हैं, दवाइयां खाते हैं, दौड़ लगाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बहुत ही आसान इलाज आपकी रसोई में ही मौजूद है? जी हाँ, आप रोज़ जो रोटी खाते हैं, बस उसमें थोड़ा सा बदलाव करके आप अपने बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को काबू में कर सकते हैं।
तो चलिए जानते हैं उन 4 जादुई आटों के बारे में, जो आपके दिल के सबसे अच्छे दोस्त साबित हो सकते हैं।
1. जौ का आटा (Barley Flour)
अगर कोलेस्ट्रॉल कम करने की बात हो, तो जौ का आटा सबसे ऊपर आता है। इसे "कोलेस्ट्रॉल का दुश्मन" भी कहा जाता है। इसमें 'बीटा-ग्लूकन' नाम का एक खास घुलनशील फाइबर होता है जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को सोखकर उसे बाहर निकालने में मदद करता है। जौ की रोटी खाने से आपका पेट भी भरा-भरा रहता है, जिससे आप फालतू खाने से बच जाते हैं।
कैसे खाएं? रोज़ाना के गेहूं के आटे में चौथाई हिस्सा जौ का आटा मिलाकर रोटियां बनाएं।
2. रागी का आटा (Finger Millet Flour)
रागी को यूं ही 'सुपरफूड' नहीं कहते। यह कैल्शियम और आयरन का तो खज़ाना है ही, साथ ही इसमें मौजूद फाइबर आपकी नसों की सफ़ाई का काम भी करता है। यह खून में जमे हुए फैट और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिससे आपका दिल सेहतमंद रहता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी बहुत मददगार है।
कैसे खाएं? आप रागी को गेहूं के आटे के साथ मिलाकर इसकी रोटी, चीला या डोसा भी बना सकते हैं।
3. ओट्स का आटा (Oats Flour)
आपने अक्सर सुना होगा कि 'ओट्स दिल के लिए अच्छे होते हैं'। यह बिल्कुल सच है। ओट्स में भी घुलनशील फाइबर की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। यह हमारे शरीर में जाकर बैड कोलेस्ट्रॉल को चिपकने नहीं देता और उसे बाहर का रास्ता दिखाता है। यह सिर्फ बुरे कोलेस्ट्रॉल को ही कम नहीं करता, बल्कि अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में भी मदद करता है।
कैसे खाएं? आप ओट्स को पीसकर उसका आटा बना लें और इसे गेहूं के आटे में मिलाकर इस्तेमाल करें।
4. चने का आटा (Besan/Gram Flour)
चने का आटा यानी हमारा बेसन, सिर्फ़ पकौड़े बनाने के काम ही नहीं आता। यह प्रोटीन और फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है। इसकी बनी रोटी (जिसे मिस्सी रोटी भी कहते हैं) खाने से नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होने लगता है। यह आपको लंबे समय तक ऊर्जा देता है और आपके दिल का ख्याल रखता है।
कैसे खाएं? गेहूं के आटे में थोड़ा बेसन मिलाकर रोटियां बनाएं। स्वाद भी बढ़ेगा और सेहत भी।
तो अगली बार जब आप बाज़ार जाएं, तो इन आटों को अपनी लिस्ट में शामिल करना न भूलें। सेहत की शुरुआत आपकी अपनी थाली से होती है!