Movie Screening Lucknow : अखिलेश यादव और फरहान अख्तर ने साथ देखी 120 बहादुर,नम आँखों से वीरों को किया याद
News India Live, Digital Desk : अक्सर हम देखते हैं कि राजनेता अपनी रैलियों में और अभिनेता अपने सेट्स पर व्यस्त रहते हैं। लेकिन कल नवाबों के शहर लखनऊ (Lucknow) का नजारा कुछ अलग और बेहद खास था। यहाँ राजनीति और बॉलीवुड का मिलन हुआ, लेकिन किसी पार्टी या प्रमोशन के लिए नहीं, बल्कि हमारे देश के असली हीरो हमारी सेना के सम्मान में।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और बॉलीवुड के दमदार एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) एक साथ नजर आए। मौका था फिल्म '120 बहादुर' (120 Bahadur) की स्पेशल स्क्रीनिंग का।
रोंगटे खड़े कर देने वाला इतिहास
अगर आप सोच रहे हैं कि यह कोई आम मसालेदार फिल्म है, तो आप गलत हैं। यह फिल्म उस ऐतिहासिक लड़ाई की याद दिलाती है जिसके बारे में सोचकर आज भी हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यह कहानी है 1962 के युद्ध की, रेजांग ला (Rezang La) की उस बर्फीली चोटी की, जहाँ हमारे मेजर शैतान सिंह और उनके 120 जांबाज सिपाहियों ने आखिरी सांस और आखिरी गोली तक दुश्मन का मुकाबला किया था।
जब फिल्म के पर्दे पर उन वीरों का बलिदान दिखाया गया, तो हॉल में मौजूद शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिसकी आँखें नम न हुई हों।
अखिलेश बोले— "अभूतपूर्व"
स्क्रीनिंग के बाद अखिलेश यादव काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने इस प्रयास की सराहना की और माना कि ऐसी फिल्में बनना बहुत जरूरी है ताकि हमारी आज की पीढ़ी यह जान सके कि जिस आजादी और सुरक्षा में हम सांस ले रहे हैं, उसकी कीमत हमारे जवानों ने अपनी जान देकर चुकाई है।
फरहान अख्तर, जो इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा हैं, वे भी इस मौके पर काफी गंभीर और भावुक दिखे। उनका उद्देश्य साफ है—उन गुमनाम नायकों की कहानी घर-घर तक पहुँचाना जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया।
सिर्फ फिल्म नहीं, एक 'ट्रिब्यूट' है
फिल्म में मेजर शैतान सिंह के किरदार को जिस शिद्दत से निभाया गया है, वो काबिले-तारीफ है। 13 कुमाऊं रेजीमेंट (13 Kumaon Regiment) के वो 120 अहीर जवान, जिन्होंने हजारों चीनी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे, उनकी वीरता को पर्दे पर देखना एक अलग ही अनुभव है।
यह शाम सिर्फ एक फिल्म देखने की नहीं थी, बल्कि यह एक तरह का 'सैल्यूट' था उन परिवारों और जवानों को, जो सरहद पर खड़े हैं ताकि हम चैन की नींद सो सकें। अगर आपको भी भारतीय सेना और उनके अदम्य साहस की कहानियाँ पसंद हैं, तो यह फिल्म आपके लिए 'मस्ट वॉच' होने वाली है।
अखिलेश और फरहान का इस तरह साथ आना यह बताता है कि जब बात देश की होती है, तो सब एक साथ खड़े नजर आते हैं।