यूपी में छिपा है 'मिनी स्विट्जरलैंड'! 100 मीटर ऊंचे इस झरने को देख नैनीताल-मसूरी भूल जाएंगे
जब भी हम उत्तर प्रदेश का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में बनारस के घाट, अयोध्या का राम मंदिर या आगरा का ताजमहल घूमने लगता है. यानी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल. लेकिन अगर हम आपसे कहें कि इसी यूपी में एक ऐसी 'गुप्त' जगह भी है, जिसे लोग 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से जानते हैं, तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे.
जी हां, यह बिल्कुल सच है. हम बात कर रहे हैं सोनभद्र जिले में छिपे हुए प्राकृतिक खजाने मुक्खा फॉल (Mukkha Falls) की. यह सिर्फ एक झरना नहीं, बल्कि प्रकृति का वो अद्भुत करिश्मा है, जिसकी खूबसूरती देखकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी. शहर की भीड़-भाड़ से दूर, यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है.
क्यों है यह झरना इतना खास?
विंध्य और कैमूर की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच, बेलन नदी जब लगभग 100 मीटर (300 फीट से भी ज्यादा) की ऊंचाई से नीचे गिरती है, तो वह नजारा किसी सपने जैसा लगता है. पानी की गरजती हुई आवाज, हवा में उड़ती ठंडी फुहारें और चारों तरफ घने जंगल... यह माहौल आपकी सारी थकान और तनाव पल भर में छूमंतर कर देगा. यह सोनभद्र जिले का सबसे बड़ा और सबसे शानदार झरना है.
आखिर क्यों कहते हैं इसे 'मिनी स्विट्जरलैंड'?
जब आप इस घाटी में खड़े होकर इस झरने की विशालता और आसपास की हरियाली को देखते हैं, तो एक पल के लिए आप भूल जाएंगे कि आप यूपी में हैं. यहां की मनमोहक वादियां और प्राकृतिक सुंदरता आपको स्विट्जरलैंड के खूबसूरत नजारों की याद दिला देगी. शायद यही वजह है कि स्थानीय लोग इसे प्यार से 'यूपी का मिनी स्विट्जरलैंड' बुलाते हैं.
कब और कैसे पहुंचें?
मुक्खा फॉल की असली खूबसूरती देखनी हो, तो मानसून (जुलाई से सितंबर) का मौसम सबसे बेस्ट है. इस समय बारिश के कारण झरना अपने पूरे उफान पर होता है और चारों तरफ की हरियाली भी चरम पर होती है.
- लोकेशन: यह झरना सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए आपको थोड़ी ट्रैकिंग भी करनी पड़ सकती है, जो एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं.
अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, फोटोग्राफी के शौकीन हैं या बस कुछ पल शांति और सुकून के बिताना चाहते हैं, तो सोनभद्र का यह 'गुप्त खजाना' आपका इंतजार कर रहा है. यह एक ऐसी जगह है, जिसके बारे में अभी बहुत कम लोग जानते हैं, इसलिए यहां आपको बेतहाशा भीड़ भी नहीं मिलेगी.
तो अगली बार जब भी वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बने, तो पहाड़ों की बजाय यूपी के इस 'मिनी स्विट्जरलैंड' को एक्सप्लोर करने जरूर जाएं.