BREAKING:
April 15 2026 09:51 am

पूर्वोत्तर में उग्रवादियों की 'लोकल एयरफोर्स': टेथर्ड ड्रोन से सुरक्षाबलों की जासूसी, यूक्रेन और अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा

Post

नई दिल्ली/गुवाहाटी: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (Northeast India) में सक्रिय उग्रवादी समूह अब पारंपरिक हथियारों को छोड़कर अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने एक गंभीर अलर्ट जारी किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि ये समूह विदेशी ताकतों की मदद से खुद की 'लोकल एयरफोर्स' तैयार कर रहे हैं। हैवी ड्रोन और टेथर्ड ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षाबलों के लिए एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

क्या है 'टेथर्ड ड्रोन' और क्यों है यह खतरनाक?

उग्रवादी समूह विशेष रूप से टेथर्ड ड्रोन (Tethered Drones) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी खासियतें इसे जंगलों में सुरक्षाबलों के खिलाफ एक अचूक हथियार बनाती हैं:

24 घंटे निगरानी: यह ड्रोन एक तार (Wire) के जरिए जमीन पर स्थित कंट्रोल स्टेशन से जुड़ा होता है। भारी बैटरी बैकअप की मदद से यह आसमान में लगातार 15 से 24 घंटे तक मंडरा सकता है।

मूवमेंट ट्रैकिंग: घने जंगलों के बीच सुरक्षाबलों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए इसका उपयोग हो रहा है।

हमले का खतरा: इन ड्रोनों के जरिए सैन्य ठिकानों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर सटीक हमले करने की योजना बनाई जा रही है।

विदेशी कनेक्शन: यूक्रेन और अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी

इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी साजिश के आरोप में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है:

गिरफ्तारी की लोकेशन: 3 आरोपी लखनऊ से, 1 अमेरिकी नागरिक कोलकाता से और बाकी दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़े गए।

मिजोरम कनेक्शन: ये लोग बिना अनुमति (RAP/PAP) के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुस गए थे।

ड्रोन की खेप: पूछताछ में पता चला है कि इन्होंने ड्रोन की एक बड़ी खेप मिजोरम पहुंचाई थी, जिसे आगे मणिपुर और नागालैंड के उग्रवादी समूहों तक पहुँचाया जाना था।

लोकल एयरफोर्स और ड्रग गठजोड़

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्वोत्तर में सक्रिय ड्रग माफिया और उग्रवादी समूहों ने हाथ मिला लिया है।

हथियारों की सप्लाई: म्यांमार सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन का इस्तेमाल अब केवल निगरानी के लिए नहीं, बल्कि हथियार और गोला-बारूद गिराने के लिए भी किया जा रहा है।

मणिपुर हिंसा में उपयोग: मणिपुर के भीतरी इलाकों और पहाड़ों पर ऐसे हाईटेक ड्रोन देखे गए हैं, जो आधुनिक युद्ध के पैमानों पर खरे उतरते हैं।

सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई: मणिपुर में हाल ही में चलाए गए तलाशी अभियान में बीएसएफ और सेना ने 21 अवैध बंकरों को नष्ट किया है, जहाँ से ड्रोन संचालित किए जाने की आशंका थी।