Mental Health Symptoms : यह सिर्फ़ उदासी नहीं, डिप्रेशन की दस्तक हो सकती है ,इन 5 लक्षणों को आज ही पहचानें

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News India Live, Digital Desk: Mental Health Symptoms : आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में तनाव, चिंता और कभी-कभी उदास महसूस करना बहुत आम बात हो गई है। हम अक्सर इसे "खराब दिन" या "काम का प्रेशर" कहकर टाल देते हैं। लेकिन क्या हो अगर यह सिर्फ़ एक खराब दिन न हो, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गहरा संकेत हो? डिप्रेशन यानी अवसाद एक ऐसी ही गंभीर मानसिक स्थिति है, जो धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी में दाखिल होती है और हमें पता भी नहीं चलता।

यह जानना बहुत ज़रूरी है कि डिप्रेशन का मतलब सिर्फ़ हर समय रोते रहना या उदास दिखना नहीं होता। इसके कई शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि हम उन्हें पहचान ही नहीं पाते। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में जिन्हें आपको कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

1. उदासी, जो पीछा नहीं छोड़ती
जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं और किसी बात पर दुखी होना स्वाभाविक है। लेकिन जब यह उदासी हफ़्तों या महीनों तक बनी रहे और किसी भी अच्छी ख़बर या घटना से दूर न हो, तो यह एक चेतावनी है। यह सिर्फ़ मन का भारीपन नहीं, बल्कि एक लगातार बनी रहने वाली निराशा और खालीपन की भावना होती है।

2. पसंदीदा कामों से भी मन उचट जाना
सोचिए, वो काम जो आपको सबसे ज़्यादा खुशी देते थे - दोस्तों से मिलना, कोई फिल्म देखना, গান सुनना या अपनी कोई हॉबी। अगर अब इन कामों में भी आपकी रुचि खत्म हो गई है और उन्हें करने का मन ही नहीं करता, तो यह एक बड़ा संकेत है। डिप्रेशन आपकी खुशियों को सोख लेता है और हर चीज़ बोझ जैसी लगने लगती है।

3. भूख और नींद के पैटर्न में बड़ा बदलाव
यह डिप्रेशन के सबसे आम शारीरिक लक्षणों में से एक है। कुछ लोगों की भूख एकदम मर जाती है और उनका वज़न तेज़ी से गिरने लगता है। वहीं, कुछ लोग इससे उल्टा 'इमोशनल ईटिंग' करने लगते हैं और बहुत ज़्यादा खाने लगते हैं, जिससे उनका वज़न बढ़ जाता है। यही हाल नींद का भी होता है; या तो रात-रात भर नींद नहीं आती या फिर हर समय सोते रहने के बाद भी शरीर में थकावट बनी रहती है।

4. शरीर में हमेशा थकावट और ऊर्जा की कमी
क्या आपको सुबह उठने के बाद भी ऐसा महसूस होता है जैसे आप सोए ही नहीं हैं? अगर बिना किसी मेहनत के भी आपका शरीर हर समय थका हुआ और टूटा हुआ महसूस करता है, तो यह सिर्फ़ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक थकान भी हो सकती है। डिप्रेशन आपकी सारी ऊर्जा खींच लेता है, जिससे छोटे-छोटे काम करना भी पहाड़ चढ़ने जैसा मुश्किल लगता है।

5. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन
डिप्रेशन का एक रूप गुस्सा और चिड़चिड़ापन भी है। अगर आप आजकल बहुत छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाते हैं, अपने परिवार वालों या दोस्तों पर बेवजह गुस्सा हो जाते हैं और हर समय एक बेचैनी महसूस करते हैं, तो यह भी डिप्रेशन का एक लक्षण हो सकता है।

6. खुद को बेकार समझना और दोषी मानना
डिप्रेशन में व्यक्ति की सोच नकारात्मक हो जाती है। वह हर बात के लिए खुद को ज़िम्मेदार ठहराने लगता है और उसके मन में अपनी काबिलीयत को लेकर शक पैदा हो जाता है। "मैं किसी काम का नहीं हूँ" या "मेरी वजह से सब परेशान हैं" जैसी भावनाएँ मन में घर करने लगती हैं।

अगर आपको या आपके किसी अपने में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। यह मानना कि "सब ठीक हो जाएगा" काफ़ी नहीं है। डिप्रेशन एक बीमारी है, कमजोरी नहीं, और इसका इलाज संभव है। किसी अपने से बात करना या किसी प्रोफेशनल (मनोचिकित्सक या काउंसलर) से मदद लेना, इस दिशा में पहला और सबसे ज़रूरी कदम हो सकता है।