मायावती ने विपक्षी गठबंधन और भाजपा को घेरा, महिला आरक्षण को लेकर बोला बड़ा हमला
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने में जुटीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर विपक्षी दलों और केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर जमकर प्रहार किया है। मायावती ने कांग्रेस की तुलना 'गिरगिट' से करते हुए आरोप लगाया कि यह पार्टी केवल सत्ता के लिए रंग बदलती है। साथ ही, उन्होंने सपा और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए महिला आरक्षण (Women Reservation Bill) के मौजूदा स्वरूप पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
'कांग्रेस सत्ता के लिए बदलती है रंग'
मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का शोषण किया है। उन्होंने कांग्रेस को 'गिरगिट' की संज्ञा देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादों से मुकर जाती है। बसपा प्रमुख ने आगाह किया कि जनता को कांग्रेस के झांसे में आने की जरूरत नहीं है क्योंकि इनका असली चेहरा हमेशा जनविरोधी रहा है।
महिला आरक्षण पर मायावती का 'कड़ा' रुख
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर मायावती ने केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा:
कोटा के भीतर कोटा: मायावती ने दोहराया कि जब तक महिला आरक्षण में SC, ST और OBC महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक यह बिल अधूरा है।
दिखावे की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर केवल ऊपरी तबके की महिलाओं को फायदा पहुंचाना चाहते हैं, जबकि समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
सपा और भाजपा पर भी बरसीं मायावती
समाजवादी पार्टी और भाजपा को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए मायावती ने कहा:
सपा पर हमला: उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों में हमेशा अराजकता का माहौल रहा है और वे केवल जाति विशेष की राजनीति तक सीमित हैं।
भाजपा को घेरा: केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार केवल धर्म और भावना के आधार पर राजनीति कर रही है।
बसपा का 'एकला चलो' का संदेश
अपने संबोधन में मायावती ने एक बार फिर साफ किया कि बसपा अपने दम पर चुनाव लड़ने और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को इन पार्टियों की सच्चाई बताएं और बसपा के शासनकाल के 'कानून के राज' की याद दिलाएं।