मानसून से पहले एक्शन मोड में मान सरकार राज्यसभा सांसद सीचेवाल के साथ CM ने की हाई-लेवल मीटिंग; बाढ़ रोकने के लिए मास्टर प्लान तैयारमानसून से पहले एक्शन मोड में मान सरकार,राज्यसभा सांसद सीचेवाल के साथ CM ने की हाई-लेवल मीटिंग
News India Live, Digital Desk: पंजाब में मानसून की दस्तक से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए कमर कस ली है। शनिवार (25 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद और प्रख्यात पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा नदियों की सफाई, धुस्सी बांधों की मजबूती और जल प्रदूषण को नियंत्रित करना रहा।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों की जवाबदेही तय: CM मान ने सभी जिला कलेक्टरों (DCs) को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी नालों की सफाई और संवेदनशील बिंदुओं (Vulnerable Points) की मरम्मत का काम समय सीमा के भीतर पूरा करें। यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही के कारण नुकसान होता है, तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
धुस्सी बांध की मजबूती: संत सीचेवाल ने सतलुज नदी के साथ गिद्दरपिंडी से फिल्लौर तक 89 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा। पंजाब मंडी बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बांध पर सड़क बनने से इसकी मजबूती बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹117 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
गिद्दरपिंडी रेलवे ब्रिज की सफाई: मुख्यमंत्री ने रेलवे पुल के नीचे जमा गाद (Desilting) को तुरंत हटाने के आदेश दिए ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो और आस-पास के गांवों में जलभराव की स्थिति न बने।
बुड्ढा दरिया और प्रदूषण पर सख्त रुख
बैठक में लुधियाना के बुड्ढा दरिया (बुड्ढा नाला) को प्रदूषण मुक्त करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
निरीक्षण दौरा: संत सीचेवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अप्रैल के अंत तक खुद बुड्ढा दरिया का दौरा करेंगे ताकि सफाई कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा सके।
डेयरी कचरे पर रोक: CM ने सख्त लहजे में कहा कि डेयरी मालिकों द्वारा गोबर और अन्य कचरा सीधे नाले में फेंकने की प्रथा को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
'संयुक्त किसान मोर्चा' (SKM) का संदर्भ
बैठक के दौरान राज्य के कृषि संकट और किसानों की मांगों पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई। हालांकि यह बैठक मुख्य रूप से जल प्रबंधन पर केंद्रित थी, लेकिन संत सीचेवाल ने मुख्यमंत्री को किसानों की चिंताओं, विशेष रूप से खराब मौसम के कारण फसल मुआवजे के वितरण में हो रही देरी से अवगत कराया।