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April 29 2026 01:15 am

नोएडा मेट्रो का बड़ा विस्तार! अगले महीने शुरू होगा काम— RRTS से जुड़ेगी एक्वा लाइन, नोएडा एयरपोर्ट तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

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नोएडा। नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन यानी एनएमआरसी ने एक्वा मेट्रो को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। अगले महीने दो बड़ी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है और तीसरी परियोजना को भी जल्द हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इन तीनों विस्तार योजनाओं के पूरे होने के बाद एक्वा मेट्रो की दैनिक राइडरशिप दो लाख के पार पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

दो परियोजनाओं को मिल चुकी है मंजूरी, टेंडर प्रक्रिया पूरी

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय यानी महुआ से दो रूटों को अनुमति मिल चुकी है। पहला रूट सेक्टर-142 से बाटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर का लिंक लाइन विस्तार है जिस पर 2254.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें 8 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। दूसरा रूट ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किलोमीटर का विस्तार है जिसकी लागत 416 करोड़ रुपये है और इस पर जूनापत और बोड़ाकी नाम के दो नए स्टेशन बनेंगे। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने दोनों परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दे दी है।

तीसरा रूट ग्रेनो वेस्ट तक, एक महीने में मिल सकती है मंजूरी

तीसरी परियोजना सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट स्थित सेक्टर-4 चार मूर्ति गोलचक्कर तक 7.5 किलोमीटर लंबे एक्वा विस्तार की है, जिसका प्रस्ताव अभी महुआ में विचाराधीन है। अधिकारियों का कहना है कि एक महीने के भीतर इसकी भी मंजूरी मिल सकती है। इस रूट पर 1100 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और इससे 1.25 लाख दैनिक यात्री लाभान्वित होंगे।

RRTS से जुड़ेगी एक्वा मेट्रो, नोएडा एयरपोर्ट तक आसान होगा सफर

इस विस्तार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रेनो वेस्ट रूट को आरआरटीएस यानी रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा। पहले यह परियोजना नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित थी, लेकिन आरआरटीएस का रूट आने के बाद इसे सेक्टर-4 ग्रेनो वेस्ट तक विस्तारित करने का फैसला किया गया। इस लिंक के बन जाने से नोएडा और दिल्ली के यात्रियों को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

टोपोग्राफी और सॉयल टेस्टिंग जारी, तीन निदेशकों की तैनाती पूरी

तीनों परियोजनाओं पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध काम सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की ओर से मांगे गए तीन निदेशकों की तैनाती की औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। साथ ही तीनों रूटों पर टोपोग्राफी और सॉयल टेस्टिंग का काम प्रक्रियाधीन है।