पंजाब की सियासत में महाभूकंप पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर गिरफ्तार, अफसर की खुदकुशी ने खोली जंगलराज की पोल
News India Live, Digital Desk : पंजाब की भगवंत मान सरकार में कभी पावरफुल रहे पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अफसर गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध खुदकुशी के मामले में घिरे भुल्लर को सोमवार (23 मार्च 2026) को फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया। रंधावा ने मरने से पहले एक भावुक वीडियो जारी कर भुल्लर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद से ही पूरे पंजाब में उबाल था। कल तक जो मंत्री 'हवा' में बात करते थे, आज वे पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनकी गिरफ्तारी के साथ ही राज्य में एक बड़ा 'क्रेडिट वॉर' शुरू हो गया है।
क्या है पूरा मामला? (अफसर का वो आखिरी वीडियो)
मामला तब सुर्खियों में आया जब अमृतसर वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। रंधावा ने अपने सुसाइड नोट और एक वीडियो में आरोप लगाया कि मंत्री लालजीत भुल्लर उन्हें एक टेंडर उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर को दिलाने के लिए लगातार धमका रहे थे। आरोप है कि 13 मार्च को रंधावा को मंत्री के घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और बंदूक की नोक पर उनसे एक झूठा कबूलनामा लिखवाया गया। इसी अपमान और डर के चलते अफसर ने मौत को गले लगा लिया।
इस्तीफा और गिरफ्तारी का ड्रामा
वीडियो वायरल होते ही विपक्ष (कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल) ने सरकार को घेर लिया। चौतरफा दबाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को भुल्लर से इस्तीफा मांग लिया। भुल्लर ने इस्तीफा तो दिया, लेकिन वे पुलिस से बचते रहे। रंधावा के परिवार ने अल्टीमेटम दिया था कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। आखिरकार पुलिस ने मंडी गोबिंदगढ़ से उन्हें गिरफ्तार किया, हालांकि भुल्लर का दावा है कि उन्होंने खुद 'सरेंडर' किया है। पुलिस आज (मंगलवार) उन्हें अमृतसर की अदालत में पेश करेगी।
अमित शाह का बड़ा बयान: CBI जांच को तैयार केंद्र
भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद भी मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। सोमवार को संसद में भी इसकी गूंज सुनाई दी। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने जब यह मुद्दा उठाया, तो गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा कि यदि पंजाब के सभी सांसद लिखित में मांग करते हैं, तो केंद्र सरकार तुरंत इस मामले की CBI जांच के आदेश दे देगी। बीजेपी और कांग्रेस का आरोप है कि पंजाब पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी क्योंकि इसके तार सीधे 'बड़े आकाओं' से जुड़े हो सकते हैं।
आप बनाम विपक्ष: शुरू हुआ 'क्रेडिट वॉर'
आम आदमी पार्टी: अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने इसे 'जीरो टॉलरेंस' की मिसाल बताया है। उनका कहना है कि हमारी सरकार ने बिना भेदभाव अपने ही मंत्री को न केवल हटाया बल्कि जेल भी भेजा।
विपक्ष (प्रताप सिंह बाजवा/सुनील जाखड़): विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार भुल्लर को बचाने की पूरी कोशिश कर रही थी। वे तब झुके जब संयुक्त विपक्ष ने सीएम हाउस का घेराव किया और पानी की बौछारें झेलीं। जाखड़ ने आरोप लगाया कि भुल्लर के जरिए पैसा 'दिल्ली' तक जा रहा था, इसलिए सरकार CBI जांच से डर रही है।