राजस्थान में महा-घोटाले पर महा-कार्रवाई रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल सहित 15 ठिकानों पर ACB की रेड
News India Live, Digital Desk : राजस्थान के बहुचर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार तड़के एक साथ कई राज्यों में 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। DIG रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में गठित SIT ने जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालौर, बिहार और झारखंड के 15 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकाने रहे हैं।
बाड़मेर स्टेशन से XEN हिरासत में, ताज होटल से गिरफ्तारी
एसीबी की यह कार्रवाई किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। जोधपुर में तैनात एक्सईएन (XEN) विशाल सक्सेना को सुबह करीब 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से तब हिरासत में लिया गया जब वे ट्रेन से उतरे ही थे। वहीं, एक अन्य बड़ी कार्रवाई में पीएचईडी के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के एक लग्जरी होटल से पकड़ा गया। जांच टीम का मानना है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही करोड़ों के टेंडर में हेराफेरी की गई।
फर्जी सर्टिफिकेट और ₹55 करोड़ का 'हवाई' भुगतान
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल जैसी फर्मों ने 'इरकॉन' के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र (Fake Experience Certificates) के आधार पर करोड़ों के टेंडर हासिल किए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि कई जगहों पर बिना कोई काम किए ही करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान उठा लिया गया। एसआईटी अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो इन फर्जीवाड़ों को उच्च प्रशासनिक स्तर से जोड़ती हैं।
300 घंटे पहले ही रिटायर हुए थे सुबोध अग्रवाल
रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें दिसंबर 2025 में उनके सेवानिवृत्त होने से ठीक पहले शुरू हुई थीं, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके खिलाफ जांच की मंजूरी दी थी। एसीबी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। मंगलवार की छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बेनामी संपत्तियों के सुराग मिलने की खबर है।
139 इंजीनियर्स रडार पर
जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में हुई इस धांधली में केवल बड़े अधिकारी ही नहीं, बल्कि 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन सहित कुल 139 इंजीनियर्स जांच के रडार पर हैं। एसीबी का मानना है कि इस छापेमारी और हिरासत में लिए गए 9 लोगों से पूछताछ के बाद कुछ और बड़े 'चेहरों' से नकाब उतर सकता है।