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March 20 2026 09:02 am

Maharashtra Politics : सिर्फ एक अफसर नहीं, पूरे सिस्टम पर सवाल, अजित पवार के उस एक फोन कॉल के पीछे क्या है?

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News India Live, Digital Desk: Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक वीडियो ने हलचल मचा दी है. इस वीडियो में राज्य के उप-मुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार एक महिला IPS अधिकारी को कथित तौर पर डांटते हुए नजर आ रहे हैं यह वीडियो सोलापुर जिले का है, जहां एक महिला अधिकारी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं, लेकिन इसी बीच एक फोन कॉल पर उन्हें उप-मुख्यमंत्री के गुस्से का सामना करना पड़ा. वीडियो के वायरल होते ही इस पर सियासत तेज हो गई है, वहीं NCP ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है.

क्या है पूरा मामला?

घटना सोलापुर के करमाला गांव की है, जहां DSP (पुलिस उपाधीक्षक) अंजली कृष्णा 'मुरूम' मिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो खनन से जुड़े लोगों और स्थानीय लोगों के बीच बहस शुरू हो गई.इसी दौरान एक NCP कार्यकर्ता ने सीधे अजित पवार को फोन मिला दिया और फोन महिला IPS अधिकारी को थमा दिया

वायरल हुए वीडियो में सुना जा सकता है कि फोन पर मौजूद शख्स, जो खुद को अजित पवार बता रहा था, अधिकारी से कार्रवाई रोकने के लिए कहता है. जब महिला अधिकारी अंजली कृष्णा आवाज पहचानने में असमर्थता जताती हैं और कहती हैं कि "मैं कैसे जान सकती हूं कि फोन पर कौन बात कर रहा है? क्या आप मेरे नंबर पर कॉल कर सकते हैं?", तो दूसरी तरफ से आवाज तल्ख हो जाती है.

कथित तौर पर अजित पवार गुस्से में कहते हैं, "क्या तुममें इतनी हिम्मत है? तुम पर एक्शन लूंगा... अपना नंबर दो, मैं वीडियो कॉल करता हूं. मेरी आवाज नहीं पहचानतीं?इसके बाद वीडियो कॉल की जाती है और पवार अधिकारी से पूछते हैं कि क्या अब वह उन्हें पहचान पा रही हैं. वे कथित तौर पर अधिकारी को तुरंत कार्रवाई बंद करने का आदेश देते हैं

NCP ने क्या कहा?

वीडियो वायरल होने के बाद अजित पवार की पार्टी NCP बचाव की मुद्रा में आ गई. NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सफाई देते हुए कहा कि अजित दादा कभी भी किसी गैरकानूनी गतिविधि का समर्थन नहीं करते.उन्होंने कहा, “हो सकता है कि अजित दादा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए अधिकारी को डांटा हो. उनका इरादा कार्रवाई को पूरी तरह से रोकने का नहीं था.”तटकरे ने यह भी कहा कि पवार अपनी सीधी बात के लिए जाने जाते हैं और हो सकता है कि उन्होंने सिर्फ कुछ देर के लिए कार्रवाई को टालने के लिए कहा हो ताकि स्थिति को शांत किया जा सके

वहीं, विपक्ष ने इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया है आम आदमी पार्टी ने कहा कि जब एक अधिकारी ईमानदारी से अपना काम कर रहा है, तो उसे इस तरह धमकाया जाना गलत है यह घटना दिखाती है कि कैसे ईमानदार अधिकारियों को अपना काम करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.