नवंबर में ही कांपने लगा मध्य प्रदेश, भोपाल में टूटा 84 साल का रिकॉर्ड, आधे राज्य में शीतलहर का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में इस बार सर्दी ने समय से पहले ही ऐसा कहर बरपाया है कि सारे पुराने रिकॉर्ड टूटते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर और राजगढ़ तक, पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। आलम यह है कि मौसम विभाग को राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से के लिए अगले 48 घंटों का शीतलहर (Cold Wave) अलर्ट जारी करना पड़ा है।

भोपाल में इतनी ठंड कि 84 साल का रिकॉर्ड टूट गया

जी हां, आपने सही पढ़ा। रविवार-सोमवार की रात भोपाल में जो हुआ, वो पिछले 84 सालों में नहीं हुआ था। यहां का पारा लुढ़ककर 5.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो नवंबर के महीने में अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 1941 में पारा 6.1 डिग्री तक गया था। साफ आसमान और सीधी उत्तर से आ रही हवाओं ने भोपाल की रातों को बर्फीला बना दिया है।

इंदौर और राजगढ़ ने भी तोड़े ठंड के रिकॉर्ड

सिर्फ भोपाल ही नहीं, प्रदेश के कई बड़े शहर ठंड से कांप रहे हैं:

  • इंदौर: यहां पारा 7.2 डिग्री पर पहुंच गया, जो पिछले 25 सालों में नवंबर की सबसे ठंडी रात थी।
  • राजगढ़: यहां तो तापमान 5 डिग्री तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे न्यूनतम है।
  • ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

सावधान! इन जिलों में है शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए गंभीर शीतलहर (Severe Cold Wave) की चेतावनी दी है, जिनमें भोपाल, इंदौर और राजगढ़ शामिल हैं।

इसके अलावा धार, खंडवा, बैतूल, सीहोर, विदिशा, सागर, छतरपुर, जबलपुर, सतना और शहडोल समेत कई अन्य जिलों में भी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

ठंड के चलते बदला स्कूलों का समय

बच्चों को इस कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।

  • इंदौर में अब स्कूल सुबह 9 बजे से लगेंगे।
  • भोपाल में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं सुबह 8:30 बजे के बाद ही शुरू होंगी।
  • ग्वालियर, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूलों का समय आगे बढ़ाया गया है। हालांकि, जबलपुर और उज्जैन जैसे कुछ शहरों में अब भी फैसले का इंतजार है।

आगे क्या होगा?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर और तेज हो सकता है। हालांकि, 22 नवंबर से बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिससे मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। तब तक के लिए गर्म कपड़ों में खुद को सुरक्षित रखें।