LPG Price Hike: नए वित्त वर्ष के पहले दिन महंगाई का बड़ा झटका; कमर्शियल सिलेंडर ₹218 तक महंगा, जानें आपके शहर का नया रेट
आज 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत आम आदमी और व्यापारियों के लिए भारी रही। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹218 तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। वैश्विक स्तर पर जारी ईरान-इजरायल युद्ध और ऊर्जा संकट के चलते ईंधन की कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं।
महानगरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए दाम (01 अप्रैल 2026)
इंडियन ऑयल (IOC) के अनुसार, आज से लागू हुई नई कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | बढ़ोतरी (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1883.00 | 2078.50 | +195.50 |
| कोलकाता | 1990.00 | 2208.00 | +218.00 |
| मुंबई | 1835.00 | 2031.00 | +196.00 |
| चेन्नई | 2043.50 | 2246.50 | +203.00 |
4 महीनों में 5वीं बार बढ़ी कीमतें: क्या होगा असर?
कमर्शियल गैस के दाम पिछले 4 महीनों में लगातार 5वीं बार बढ़े हैं। इससे पहले जनवरी में ₹111, फरवरी में ₹49 और मार्च में दो बार (₹28 और ₹114.5) कीमतें बढ़ाई गई थीं।
होटल और रेस्टोरेंट होंगे महंगे: हलवाई, ढाबा, और रेस्टोरेंट मालिकों पर लागत का बोझ बढ़ेगा, जिससे बाहर खाना खाना और भी महंगा हो सकता है।
सप्लाई चेन पर असर: कमर्शियल गैस का इस्तेमाल कई छोटे उद्योगों में भी होता है, जहां उत्पादन लागत बढ़ने की संभावना है।
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं
आम बजट पर सीधा असर डालने वाले 14.2 kg के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें आज स्थिर रखी गई हैं। दिल्ली में इसकी कीमत फिलहाल ₹913 (बिना सब्सिडी) बनी हुई है। आखिरी बार इसमें 7 मार्च 2026 को ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी।
महंगाई के पीछे का असली कारण: वैश्विक ऊर्जा संकट
मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण गैस और तेल सप्लाई लाइन लगभग बंद होने के कगार पर है।
कच्चे तेल में उछाल: सप्लाई में कमी और अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
डॉलर की मजबूती: रुपये के मुकाबले डॉलर की मजबूती भी आयातित गैस को महंगा बना रही है।