LPG Crisis UP : युद्ध का यूपी में बड़ा असर लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में गैस की किल्लत सीएम के कालाबाजारी पर सख्त निर्देश
News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश की रसोई तक पहुँच गया है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई इलाकों में बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं होने की शिकायतें आ रही हैं।
संकट की मुख्य वजहें:
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव: भारत अपनी जरूरत का 60% से अधिक एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है। युद्ध के कारण जहाजों के मार्ग में बदलाव और देरी हो रही है।
कमर्शियल सप्लाई पर रोक: तेल कंपनियों ने घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए होटल और रेस्टोरेंट को मिलने वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में 80% तक की कटौती कर दी है।
पैनिक बुकिंग और अफवाहें: आपूर्ति रुकने के डर से लोगों ने जरूरत से ज्यादा बुकिंग शुरू कर दी है, जिससे कृत्रिम संकट पैदा हो गया है।
सरकार और प्रशासन के कड़े कदम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस की किल्लत की अफवाह फैलाकर जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
नए नियम जो आपको जानने चाहिए:
बुकिंग का समय बढ़ा: अब घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
सप्लाई प्राथमिकता: अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक सेवाओं के तहत गैस आपूर्ति जारी रखी जाएगी।
राहत की खबर: भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बाद ईरान ने भारतीय तिरंगे वाले तेल टैंकरों को होर्मुज मार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है, जिससे अगले 10-12 दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।