BREAKING:
April 29 2026 03:21 pm

दुनिया पर मंडराया एलपीजी संकट सऊदी अरामको ने मई की डिलीवरी रोकी,प्लांट में खराबी बनी बड़ी वजह

Post

News India Live, Digital Desk: दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को एक बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अपनी आधिकारिक घोषणा में बताया है कि वह आगामी मई महीने के लिए एलपीजी (LPG) की डिलीवरी को निलंबित (Suspend) कर रही है। यह फैसला एक ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई देश पहले से ही ऊर्जा संकट और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। अरामको के इस कदम से आने वाले दिनों में रसोई गैस की कीमतों में भारी उछाल की आशंका जताई जा रही है।

सप्लाई रोकने की असली वजह क्या है?

सऊदी अरामको के अनुसार, यह फैसला किसी राजनीतिक या रणनीतिक कारण से नहीं, बल्कि तकनीकी खराबी के चलते लिया गया है:

फैसिलिटी डैमेज (Facility Damage): कंपनी के एक प्रमुख गैस प्रोसेसिंग प्लांट में तकनीकी खराबी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने की खबर है।

मेंटेनेंस का काम: नुकसान इतना गंभीर बताया जा रहा है कि इसे ठीक करने और सुरक्षा मानकों की जांच करने में समय लगेगा, जिसके कारण मई महीने के स्लॉट रद्द कर दिए गए हैं।

वैश्विक बाजार और भारत पर क्या होगा असर?

सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख एलपीजी निर्यातकों में से एक है। अरामको के इस फैसले का सीधा असर एशियाई और यूरोपीय बाजारों पर पड़ेगा:

कीमतों में तेजी: सप्लाई कम होने और मांग बरकरार रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में 'पैनिक बाइंग' शुरू हो सकती है।

भारत की स्थिति: भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है। हालांकि, भारत के पास पर्याप्त बफर स्टॉक और अन्य देशों (जैसे कतर और यूएई) से वैकल्पिक आपूर्ति के रास्ते खुले हैं, लेकिन वैश्विक कीमतों में बढ़त घरेलू स्तर पर सब्सिडी रहित सिलेंडर के दाम बढ़ा सकती है।

क्या रसोई का बजट बिगड़ेगा?

फिलहाल भारतीय तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि अरामको की यह समस्या लंबी खिंचती है, तो जून महीने के लिए होने वाली बुकिंग और कीमतों पर इसका गहरा असर दिखेगा। विकसित देशों में भी हीटिंग और औद्योगिक कार्यों के लिए एलपीजी की कमी महसूस की जा सकती है।

सरकार और तेल कंपनियों की तैयारी

भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि भारत अन्य खाड़ी देशों से अतिरिक्त कार्गो की मांग कर सकता है ताकि घरेलू बाजार में गैस की कमी न हो।

Tags:

--Advertisement--