LPG Booking Scam : गैस बुकिंग को लेकर सरकार की चेतावनी एक क्लिक और बैंक खाता हो जाएगा साफ, भूलकर भी न करें ये गलती
News India Live, Digital Desk: देश में इन दिनों साइबर ठगों ने आम जनता को लूटने के लिए एक नया और खतरनाक पैंतरा आजमाया है। अब हैकर्स एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) की बुकिंग और सब्सिडी को हथियार बना रहे हैं। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि देश में गैस की भारी किल्लत होने वाली है और ग्राहकों को तुरंत अपनी बुकिंग कन्फर्म करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करना होगा। भारत सरकार ने इस पर सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए इसे एक बड़ा 'फिशिंग स्कैम' करार दिया है।
गैस किल्लत का डर दिखाकर बिछाया जा रहा जाल
ठगों का यह गिरोह लोगों की मनोवैज्ञानिक स्थिति का फायदा उठा रहा है। वे 'पैनिक बटन' दबाने के लिए संदेश भेजते हैं कि "आपका गैस कनेक्शन ब्लॉक होने वाला है" या "अगले महीने से सिलेंडर की सप्लाई बंद हो जाएगी।" घबराहट में लोग मैसेज में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर देते हैं। जैसे ही आप उस लिंक को खोलते हैं, वह बिल्कुल असली गैस एजेंसी (Indane, HP या Bharat Gas) की वेबसाइट जैसा दिखता है, जहां आपसे आपकी बैंकिंग डिटेल्स और आधार नंबर मांगा जाता है।
कैसे काम करता है यह 'सब्सिडी' और 'बुकिंग' फ्रॉड?
सरकार के अनुसार, यह स्कैम दो तरह से काम कर रहा है। पहला, केवाईसी (KYC) अपडेट करने के नाम पर, जिसमें ग्राहकों से कहा जाता है कि अगर उन्होंने तुरंत अपनी जानकारी अपडेट नहीं की तो उन्हें सब्सिडी मिलना बंद हो जाएगी। दूसरा, प्री-बुकिंग के नाम पर भारी डिस्काउंट का लालच दिया जाता है। जैसे ही यूजर अपनी यूपीआई (UPI) पिन या डेबिट कार्ड की जानकारी वहां दर्ज करता है, हैकर्स उनके फोन का एक्सेस ले लेते हैं और सेकंड्स में बैंक अकाउंट से पैसे गायब कर देते हैं।
सरकार ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइंस
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार या कोई भी गैस एजेंसी ग्राहकों को फोन कॉल या एसएमएस पर इस तरह के संदिग्ध लिंक नहीं भेजती है। यदि आपको भी ऐसा कोई संदेश मिला है, तो इन बातों का ध्यान रखें:
आधिकारिक ऐप का ही करें उपयोग: हमेशा 'IndaneOne', 'Hello BPCL' या 'Paytm/Amazon' जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही गैस बुक करें।
लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस (SMS) में दिए गए लिंक को न खोलें।
निजी जानकारी साझा न करें: बैंक ओटीपी, पिन या आधार नंबर किसी को भी फोन पर न बताएं।
आधिकारिक वेबसाइट: जानकारी के लिए हमेशा mylpg.in जैसी सरकारी वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
अगर अनजाने में आपने किसी ऐसे लिंक पर क्लिक कर दिया है या आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो बिना देरी किए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना देने से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सतर्क रहें और इस जानकारी को अपने परिजनों और दोस्तों के साथ जरूर साझा करें ताकि वे भी इस 'डिजिटल लूट' से बच सकें।