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April 18 2026 09:22 am

छत्तीसगढ़ का लखपति गांव बालोद जिले का औराटोला बना मिसाल, हर घर की महिलाएं बनीं लखपति

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का एक छोटा सा गांव 'औराटोला' (Auratola) इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस गांव ने महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक ऐसी इबारत लिखी है, जिसकी वजह से इसे अब 'लखपति गांव' के नाम से जाना जाने लगा है। यहां की ग्रामीण महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से अपनी किस्मत बदली है और आज गांव का लगभग हर परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध हो चुका है।

स्वयं सहायता समूहों ने बदली सूरत

औराटोला की इस सफलता के पीछे 'बिहान' (BIHAN) योजना और महिलाओं के अटूट परिश्रम का हाथ है। गांव की महिलाओं ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ लघु उद्योगों और विविध आय स्रोतों को अपनाया। उन्होंने छोटे-छोटे समूह बनाए और बैंक लिंकेज के माध्यम से लोन लेकर स्वरोजगार शुरू किया। आज यहां की महिलाएं मछली पालन, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन और वर्मी कंपोस्ट बनाने जैसे कार्यों से सालाना लाखों रुपये कमा रही हैं।

औराटोला कैसे बना 'लखपति'?

प्रशासनिक आंकड़ों और गांव की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, इस गांव की अधिकांश सक्रिय महिलाएं अब 'लखपति दीदी' की श्रेणी में आ चुकी हैं।

विविध आय स्रोत: महिलाएं केवल एक काम पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे एक साथ कई गतिविधियों से जुड़ी हैं।

बचत की आदत: समूहों के माध्यम से महिलाओं में नियमित बचत और निवेश की प्रवृत्ति विकसित हुई है।

सरकारी योजनाओं का लाभ: शासन की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे जमीनी स्तर पर महिलाओं तक पहुंचा है।

सामाजिक और आर्थिक बदलाव

आर्थिक रूप से मजबूत होने का असर गांव की सामाजिक स्थिति पर भी पड़ा है। अब औराटोला में बच्चों की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पक्के मकानों की संख्या बढ़ गई है। महिलाओं के हाथों में पैसा आने से परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है और गांव में नशाखोरी जैसी बुराइयां कम हुई हैं। यह गांव अब अन्य ग्रामीण इलाकों के लिए एक 'मॉडल विलेज' के रूप में उभर रहा है।

प्रशासन ने दी सराहना

बालोद जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने औराटोला की महिलाओं की इस उपलब्धि की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि औराटोला जैसे गांव यह साबित करते हैं कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश की अन्य महिलाओं से औराटोला की 'लखपति दीदियों' से प्रेरणा लेने की अपील की है।