Labour Ministry : EPFO की महा-बैठक आज, क्या 1000 रुपये वाली पेंशन में मिलेगा ₹2500 का उछाल?
News India Live, Digital Desk: Labour Ministry : अभी हाल ही में, लाखों पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर सामने आई है! कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की एक अहम बैठक 13 अक्टूबर, 2025 को होने वाली है, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाया जाएगा या नहीं. यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर देश के लाखों बुजुर्ग और रिटायर हुए कर्मचारी कई सालों से उम्मीद लगाए बैठे हैं.
फिलहाल, EPS-95 के तहत पेंशन पाने वाले लोगों को हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये मिलते हैं. यह राशि साल 2014 से अब तक बदली नहीं गई है, जबकि पिछले एक दशक में महंगाई आसमान छू चुकी है. ऐसे में, इस छोटी सी पेंशन राशि से घर-परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. इसी को देखते हुए, विभिन्न श्रमिक संगठन और पेंशनभोगी लंबे समय से सरकार और EPFO से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
वैसे तो इस बैठक के आधिकारिक एजेंडे में सीधे तौर पर पेंशन बढ़ोतरी का जिक्र नहीं था, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस पर अनौपचारिक रूप से जरूर चर्चा की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी खबरें हैं कि न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव विचाराधीन है. अगर ऐसा हो जाता है, तो यह 11 साल में पहली बार होगा जब न्यूनतम पेंशन में इतनी बड़ी वृद्धि होगी. यह कदम निश्चित रूप से लाखों पेंशनभोगियों को एक बड़ी आर्थिक राहत देगा, खासकर उन लोगों को जिनकी आय बहुत कम है और जो सिर्फ इस पेंशन पर ही निर्भर हैं.
इस बैठक में सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि EPFO अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए "EPFO 3.0" नाम की एक पहल पर भी विचार-विमर्श करेगा. इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य EPFO की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है. इसमें पीएफ निकालने को एटीएम या यूपीआई के माध्यम से करना, दावों का निपटान (क्लेम सेटलमेंट) तेजी से और वास्तविक समय में करना, ऑनलाइन मृत्यु दावों की प्रक्रिया को आसान बनाना और डेटा एकीकरण जैसे कई सुधार शामिल हैं.
हालांकि, यह जानना जरूरी है कि पेंशन बढ़ाने के किसी भी प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजना होगा. लेकिन अगर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का फैसला हो जाता है, तो यह देश के लाखों रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी जो लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार कर रहे हैं.