BREAKING:
April 25 2026 05:37 am

Koderma Elephant Attack : कोडरमा में हाथियों का तांडव, 10 महीने के मासूम समेत दो को कुचलकर मार डाला

Post

News India Live, Digital Desk : झारखंड के कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की देर रात जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव में हाथियों के एक झुंड ने भारी तबाही मचाई। इस दिल दहला देने वाली घटना में हाथियों ने एक 10 महीने के दुधमुंहे बच्चे और एक अन्य व्यक्ति को बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।

सोते हुए परिवार पर 'गजराज' का कहर

मिली जानकारी के अनुसार, घटना रात के करीब 2 बजे की है जब कंझियाडीह स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूर अपने परिवारों के साथ सो रहे थे। अचानक 22 हाथियों का एक विशाल झुंड वहां आ धमका। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर मजदूरों में भगदड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी के बीच हाथियों ने एक झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया, जिसमें सो रहा 10 महीने का मासूम बच्चा हाथियों के पैरों तले दब गया। उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मजदूर को भी नहीं मिला संभलने का मौका

हाथियों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। भट्ठे पर काम करने वाले एक अन्य 40 वर्षीय मजदूर को भी हाथियों ने अपना निशाना बनाया। जब वह अपनी जान बचाकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी एक हाथी ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया और कुचल दिया। अन्य मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

ग्रामीणों का आरोप: सूचना के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

स्थानीय ग्रामीणों और ईंट भट्ठा मालिक का आरोप है कि इलाके में हाथियों के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग को पहले ही दे दी गई थी। डोमचांच वन प्रक्षेत्र के अधिकारियों को पता था कि हाथियों का झुंड राजाउली (बिहार) की ओर से इस क्षेत्र में दाखिल हुआ है, लेकिन समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। वन विभाग ने हालांकि स्पष्ट किया है कि वे हाथियों को खदेड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भट्ठा मालिक ने मजदूरों को अलर्ट करने में देरी की।

मुआवजे का ऐलान, लेकिन दहशत बरकरार

कोडरमा में पिछले एक महीने के भीतर हाथी के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की है और सरकारी प्रावधानों के तहत 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल हाथियों का झुंड अभी भी पास के जंगलों में डेरा डाले हुए है, जिससे आसपास के गांवों में लोग रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।