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March 18 2026 05:03 pm

South Actor : सियासत में आते ही Thalapathy Vijay पर पहली FIR, जानें क्या है पूरा मामला

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Newsindia live,Digital Desk: South Actor : सिनेमा के पर्दे पर 'मास्टर' और 'लियो' बनकर दर्शकों का दिल जीतने वाले साउथ के मेगास्टार थलापति विजय के लिए राजनीति की राह आसान नहीं रहने वाली है। एक्टर से नेता बने विजय को अपने सियासी सफर की शुरुआत में ही पहली बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। तमिलनाडु के त्रिची जिले में एक रैली के दौरान चुनाव नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उनके और उनकी नई नवेली पार्टी 'तमिझगा वेत्री कझगम' (TVK) के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला, क्यों हुई FIR?

यह मामला 22 अगस्त, 2025 का है, जब थलापति विजय ने त्रिची जिले के परापथी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। विक्रवांडी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर यह रैली उनकी पार्टी के लिए काफी अहम मानी जा रही थी। इस रैली में हजारों की संख्या में उनके फैंस और समर्थक इकट्ठा हुए, जिससे पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्यों फँसे कानूनी पचड़े में?

कानूनी मुश्किल की मुख्य वजह बनी रैली की टाइमिंग। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, रात 10 बजे के बाद किसी भी तरह की जनसभा या रैली करने की इजाजत नहीं होती है। लेकिन आरोप है कि विजय की यह रैली देर रात तक चलती रही, जो सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) का उल्लंघन है।

किसने की शिकायत?

गांव के प्रशासनिक अधिकारी मुरुगानandam की शिकायत के आधार पर वायालुर पुलिस स्टेशन में यह FIR दर्ज की गई है। इसमें एक्टर विजय और उनकी पार्टी के अन्य पदाधिकारियों पर बिना इजाजत देर रात तक रैली करने और सार्वजनिक शांति में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया गया है।

सियासी सफर का पहला 'स्पीड ब्रेकर'

राजनीति में आने का ऐलान करने के बाद से ही विजय लगातार तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। उनकी रैलियों में भारी भीड़ भी जुट रही है, लेकिन यह पहली बार है जब उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। साफ छवि और लोगों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता रखने वाले विजय के लिए यह FIR उनके राजनीतिक सफर का पहला 'स्पीड ब्रेकर' मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि विजय और उनकी पार्टी इस कानूनी चुनौती से कैसे निपटते हैं।