OPS vs NPS : क्यों 69 लाख सरकारी कर्मचारी चाहते हैं पुरानी पेंशन? जानें OPS और NPS के बीच का वो अंतर जिसने मचाया है घमासान
News India Live, Digital Desk : भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन का मुद्दा इस समय सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक विमर्श बना हुआ है। जहाँ राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने OPS को वापस लागू करने का साहसिक कदम उठाया है, वहीं केंद्र सरकार ने NPS को अधिक आकर्षक बनाने के लिए 'यूनिफाइड पेंशन स्कीम' (UPS) का प्रस्ताव पेश किया है। लेकिन सवाल वही है कर्मचारी OPS को ही क्यों प्राथमिकता दे रहे हैं?
OPS और NPS के बीच का 'कड़वा' सच: एक तुलनात्मक अध्ययन
कर्मचारियों की प्राथमिकता को समझने के लिए इन दोनों योजनाओं के बुनियादी ढांचे को समझना जरूरी है:
| विशेषता | ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) | नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) |
|---|---|---|
| पेंशन की गारंटी | अंतिम वेतन का 50% निश्चित। | बाजार के रिटर्न (Stock Market) पर आधारित। |
| कर्मचारी योगदान | वेतन से 0% कटौती (पूरी तरह सरकार द्वारा देय)। | वेतन का 10% अनिवार्य योगदान। |
| महंगाई भत्ता (DA) | हर 6 महीने में DA बढ़ने का लाभ। | DA बढ़ने का कोई प्रावधान नहीं। |
| GPF सुविधा | रिटायरमेंट पर GPF का ब्याज सहित पूरा पैसा। | फंड का केवल 60% टैक्स-फ्री निकासी, 40% की एन्युटी। |
कर्मचारी OPS को ही क्यों चुन रहे हैं? (5 मुख्य कारण)
सामाजिक सुरक्षा की गारंटी: OPS में कर्मचारी को पता होता है कि रिटायरमेंट के बाद उसे हर महीने कितनी राशि मिलेगी। NPS में यह पूरी तरह शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है, जिससे बुढ़ापे की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
महंगाई से लड़ने की शक्ति: OPS में मिलने वाला पेंशन 'इंडेक्स' (DA-Linked) होता है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, पेंशनर का भत्ता भी बढ़ता है। NPS में एक बार फिक्स हुई एन्युटी (Annuity) जीवनभर उतनी ही रहती है।
बिना किसी कटौती के लाभ: OPS में कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी से कोई पैसा नहीं कटता, जबकि NPS में हर महीने 10% की कटौती उनके वर्तमान खर्चों को प्रभावित करती है।
पारिवारिक पेंशन (Family Pension): OPS में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन मिलने का सरल और सुदृढ़ प्रावधान है।
पेंशन रिविजन: वेतन आयोग (Pay Commission) लागू होने पर OPS पेंशनर्स की पेंशन में भी बढ़ोतरी होती है, जो NPS में संभव नहीं है।
69 लाख कर्मचारियों के लिए ताज़ा अपडेट: UPS का विकल्प
केंद्र सरकार ने हाल ही में Unified Pension Scheme (UPS) की घोषणा की है, जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाना है।
नया फॉर्मूला: UPS में सरकार ने 25 साल की सेवा के बाद अंतिम 12 महीनों के औसत वेतन का 50% पेंशन देने का वादा किया है।
DA का लाभ: UPS में भी OPS की तरह महंगाई राहत (DR) देने का प्रावधान जोड़ा गया है।
न्यूनतम पेंशन: 10 साल की सेवा के बाद कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह की पेंशन सुनिश्चित की गई है।