Ketu Gemstone : हर कोई नहीं पहन सकता लहसुनिया, केतु का यह रत्न किसी को बना दे राजा, तो किसी को रंक
News India Live, Digital Desk: Ketu Gemstone : ज्योतिष की दुनिया में 9 ग्रह होते हैं, लेकिन इनमें से दो ग्रह ऐसे हैं जिनका कोई भौतिक शरीर नहीं है, फिर भी उनका असर हमारी जिंदगी पर सबसे ज़्यादा और सबसे तेज़ी से पड़ता है। ये हैं राहु और केतु, जिन्हें 'छाया ग्रह' कहा जाता है। केतु को एक रहस्यमयी ग्रह माना गया है, जो अचानक होने वाली घटनाओं का कारक है - चाहे वो अच्छा हो या बुरा।
जब किसी की कुंडली में केतु की स्थिति अच्छी न हो, तो उसे जिंदगी में अजीब सी परेशानियों, छुपी हुई बीमारियों, धोखे और बिना वजह के डर का सामना करना पड़ता है। इन्हीं बुरे प्रभावों को कम करने और केतु की अच्छी ऊर्जा को बढ़ाने के लिए ज्योतिष में एक ख़ास रत्न पहनने की सलाह दी जाती है, जिसका नाम है - लहसुनिया (Cat’s Eye)।
क्या है लहसुनिया रत्न?
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, यह रत्न दिखने में बिल्कुल बिल्ली की आँख जैसा होता है। इसके अंदर एक चमकदार धारी होती है जो रोशनी पड़ने पर हिलती-डुलती नज़र आती है। यह रत्न केतु की रहस्यमयी शक्तियों को अपने अंदर समेटे हुए होता है।
किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं?
यह सबसे ज़रूरी सवाल है। लहसुनिया एक बहुत ही शक्तिशाली और तेज़ी से असर दिखाने वाला रत्न है। इसे कभी भी सिर्फ़ शौकिया या बिना सलाह के नहीं पहनना चाहिए। यह हर किसी के लिए नहीं बना है।
- सलाह के बाद ही पहनें: लहसुनिया पहनने का फ़ैसला हमेशा किसी अनुभवी ज्योतिष से अपनी कुंडली दिखवाने के बाद ही लेना चाहिए। एक गलत फ़ैसला फ़ायदे की जगह भारी नुक़सान पहुँचा सकता है।
- कब दी जाती है सलाह?:
- जब आपकी कुंडली में केतु की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो और आपको बहुत ज़्यादा परेशानियाँ आ रही हों।
- अगर आपकी कुंडली में केतु अच्छी जगह पर तो बैठा है, लेकिन कमज़ोर है, तो उसकी ताक़त बढ़ाने के लिए इसे पहना जा सकता है।
- जिन लोगों का काम जोखिम भरा होता है, जैसे शेयर बाज़ार, ट्रेडिंग या ख़ुफ़िया एजेंसियों में, उन्हें यह रत्न फ़ायदा पहुँचा सकता है।
- यह रत्न बुरी नज़र, तंत्र-मंत्र और अनजाने खतरों से भी बचाता है।
आमतौर पर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न के जातकों के लिए यह रत्न शुभ परिणाम दे सकता है, लेकिन केवल तभी जब कुंडली में केतु की स्थिति अच्छी हो।
लहसुनिया पहनने का सही तरीका क्या है?
किसी भी रत्न का पूरा फायदा तभी मिलता है, जब उसे सही नियम और विधि के साथ पहना जाए।
- कौन सी धातु में?: लहसुनिया को हमेशा चांदी (Silver) में ही पहनना चाहिए।
- किस उंगली में?: इसे दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली (Middle Finger) में पहना जाता है।
- कौन सा दिन?: इसे पहनने के लिए सबसे अच्छा दिन मंगलवार या शनिवार की शाम का समय (सूरज ढलने के बाद) होता है।
- कैसे धारण करें?: पहनने से पहले अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध के मिश्रण में डुबोकर शुद्ध कर लें। इसके बाद, केतु के मंत्र "ॐ कें केतवे नमः" का 108 बार जाप करें और फिर इसे अपनी उंगली में धारण करें।
- ज़रूरी सावधानी: लहसुनिया के साथ कभी भी माणिक, मोती या मूंगा न पहनें। ये रत्न उन ग्रहों के हैं जो केतु के शत्रु माने जाते हैं।
संक्षेप में, लहसुनिया एक चमत्कारी रत्न है जो आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है और आपको उन ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है जिनके बारे में आपने सोचा भी न हो, लेकिन यह एक दोधारी तलवार भी है। इसलिए, इसे पहनने से पहले सौ बार सोचें और किसी विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।