शराब घोटाले में केजरीवाल और सिसोदिया हुए बरी कोर्ट ने CBI को फटकारा, आप नेताओं ने बताया सत्य की जीत
News India Live, Digital Desk : विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि सीबीआई द्वारा पेश की गई चार्जशीट में "कोई पुख्ता सबूत नहीं" हैं और यह मामला केवल "अनुमानों" पर आधारित है। कोर्ट ने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को बिना किसी ठोस सामग्री के अपराधी बनाना कानून के शासन के खिलाफ है।
1. अरविंद केजरीवाल की भावुक प्रतिक्रिया
अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने भर्राई हुई आवाज में कहा:
"मैं कट्टर ईमानदार हूँ:" केजरीवाल ने कहा कि आज कोर्ट के आदेश ने साबित कर दिया है कि वे और उनकी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।
"सबसे बड़ी साजिश:" उन्होंने इस केस को आजाद भारत के इतिहास की सबसे बड़ी 'राजनीतिक साजिश' करार दिया।
"भगवान हमारे साथ है:" केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा कि भगवान ने अंततः सच्चाई का साथ दिया।
2. मनीष सिसोदिया का 'X' पोस्ट
जेल में 500 से अधिक दिन बिताने वाले मनीष सिसोदिया ने कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
"सत्यमेव जयते!" (सत्य की ही जीत होती है)। उन्होंने आगे कहा कि आज बाबा साहेब के संविधान और भारत की न्यायपालिका की जीत हुई है। एजेंसियों ने हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन सच को दबाया नहीं जा सका।
3. संजय सिंह का पीएम मोदी पर हमला
आप सांसद संजय सिंह ने इस फैसले को भाजपा और केंद्र सरकार की करारी हार बताया:
माफी की मांग: संजय सिंह ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने एक 'फर्जी केस' बनाकर दिल्ली के लोकप्रिय नेताओं को जेल में डाला और उन्हें प्रताड़ित किया।
"खुल गई पोल": उन्होंने कहा कि भाजपा की 'झूठ की दुकान' पर आज हमेशा के लिए ताला लग गया है।
4. कोर्ट की कड़ी टिप्पणी (The Sting from Court)
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा:
सबूतों का अभाव: कोर्ट ने पाया कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई रिकवरी नहीं हुई और न ही केजरीवाल के खिलाफ कोई सीधा साक्ष्य मिला।
विभागीय जांच के आदेश: कोर्ट ने इस मामले की जांच करने वाले CBI IO (जांच अधिकारी) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं, क्योंकि चार्जशीट में कई विसंगतियां और भ्रामक बातें पाई गईं।
5. क्या है आगे का रास्ता?
सीबीआई ने इस फैसले के तुरंत बाद स्पष्ट किया है कि वे ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। एजेंसी का कहना है कि जांच के कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है।