Karva Chauth 2025 : पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए इस तारीख को रखें व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
News India Live, Digital Desk: Karva Chauth 2025 : हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ का त्योहार सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है. यह प्रेम, त्याग और अटूट विश्वास का प्रतीक है, जब सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. कुंवारी लड़कियां भी सुयोग्य वर की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं. साल 2025 में भी यह पावन पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा. अगर आप भी इस बार करवा चौथ का व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं, तो नोट कर लीजिए इसकी सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट.
करवा चौथ 2025 की तारीख:
साल 2025 में करवा चौथ का व्रत 18 अक्टूबर, 2025 (शुक्रवार) को रखा जाएगा. यह दिन विवाहित जोड़ों के लिए खास होता है और इस दिन वे एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को मजबूत करते हैं.
करवा चौथ 2025 शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat):
करवा चौथ की पूजा संध्याकाल में की जाती है और व्रत चांद निकलने के बाद ही खोला जाता है. 18 अक्टूबर, 2025 को पूजा और चंद्रोदय का शुभ समय इस प्रकार रहने की उम्मीद है:
- करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 06:17 बजे से शाम 07:33 बजे तक (अवधि: लगभग 1 घंटा 16 मिनट)
- चंद्रोदय का संभावित समय: रात 08:06 बजे (यह समय स्थान के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है)
पूजा विधि (Puja Vidhi) की सामान्य जानकारी:
करवा चौथ के दिन महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सरगी खाती हैं. पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं. शाम को पूजा से पहले श्रृंगार करके तैयार होती हैं. इसके बाद चौकी पर मिट्टी या धातु का करवा स्थापित करती हैं और माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और चंद्रमा की विधि-विधान से पूजा करती हैं. करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और अंत में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर, छलनी से पहले चंद्रमा को और फिर पति को देखकर व्रत खोलती हैं. पति अपने हाथों से जल पिलाकर पत्नी का व्रत तुड़वाते हैं.
करवा चौथ 2025 पूजा सामग्री (Puja Samagri) की लिस्ट:
करवा चौथ की पूजा को संपूर्ण करने के लिए कुछ चीज़ों का होना बहुत ज़रूरी है. ये लिस्ट आपकी मदद करेगी:
- करवा (मिट्टी का) या धातु का कलश (पानी भरने के लिए)
- मिट्टी का ढक्कन (करवे पर रखने के लिए)
- पूजा की चौकी
- माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी की तस्वीर या मूर्ति
- गेहूं (करवे पर रखने के लिए)
- चावल (अक्षत के लिए और करवे के नीचे रखने के लिए)
- दीपक और घी या तेल
- कपूर
- धूप और अगरबत्ती
- रोली या कुमकुम, हल्दी, चंदन
- शहद
- पंचामृत
- सुपारी
- जनेऊ
- जल कलश (पूजा के लिए)
- कथा की किताब
- छलनी (चंद्रमा देखने के लिए)
- करवा चौथ व्रत का पानी (चंद्रमा को अर्घ्य देने और व्रत तोड़ने के लिए)
- मिठाई और फल (भोग के लिए)
- मेवे
- दक्षिणा (पंडित या किसी कन्या को देने के लिए)
- ताज़े फूल और दूर्वा घास (अगर संभव हो)
- लौंग, इलायची, पान का पत्ता
करवा चौथ का यह पावन पर्व आपके और आपके जीवनसाथी के लिए सुख, प्रेम और लंबी उम्र लेकर आए. इस दिन पूरी श्रद्धा से पूजा करें और हर क्षण को खास बनाएं!