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March 22 2026 06:11 am

100 साल बाद बन रहा है महासंयोग! कार्तिक पूर्णिमा पर करें ये 2 अचूक उपाय, भरी रहेगी तिजोरी

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हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे 'त्रिपुरारी पूर्णिमा' भी कहते हैं क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। यह वही दिन है, जब सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था, इसलिए इसे 'प्रकाश पर्व' के रूप में भी मनाया जाता है।

एक और मान्यता के अनुसार, इस दिन स्वर्ग से सभी देवी-देवता पृथ्वी पर गंगा स्नान करने आते हैं, इसलिए इस शाम को 'देव दीपावली' भी मनाई जाती है। यह दिन इतना शुभ होता है कि इस दिन किया गया कोई भी दान, पूजा या उपाय कई गुना ज़्यादा फल देता है।

खासकर, धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए यह दिन सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप भी पैसों की तंगी से परेशान हैं, तो इस कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए कुछ खास उपाय आपकी किस्मत चमका सकते हैं।

कब है कार्तिक पूर्णिमा 2025?

पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 4 नवंबर (मंगलवार) की रात 10:36 बजे से शुरू होगी और 5 नवंबर (बुधवार) की रात 8:24 बजे तक रहेगी।
चूंकि हिन्दू धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए पूर्णिमा का व्रत, स्नान, और पूजा 5 नवंबर को ही की जाएगी।

100 साल बाद बन रहा है दुर्लभ 'महासंयोग'

इस बार की कार्तिक पूर्णिमा और भी खास होने वाली है क्योंकि ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन 100 साल बाद एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और अश्विनी नक्षत्र का एक साथ मिलन हो रहा है।
इन तीनों शुभ योगों का एक साथ बनना इसे एक 'महासंयोग' बनाता है, जिसमें की गई कोई भी पूजा या उपाय कभी व्यर्थ नहीं जाता और हर मनोकामना पूरी होती है।

 

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 2 अचूक उपाय

अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसे और आपकी तिजोरी कभी खाली न हो, तो इस महासंयोग पर ये दो सरल उपाय ज़रूर करें:

1. लाल फूल और कनकधारा स्तोत्र का पाठ
पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में लाल रंग के फूल (जैसे गुड़हल या गुलाब) का विशेष महत्व होता है। शाम के समय पूजा में मां लक्ष्मी को लाल फूल अर्पित करें और उनके सामने घी का दीपक जलाकर 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ करें।

  • क्यों है यह खास: कनकधारा स्तोत्र को धन प्राप्ति के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। मान्यता है कि इसका पाठ करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और जीवन में धन-धान्य और सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती।

2. हल्दी और 11 कौड़ियों का 'चमत्कारी' उपाय
यह उपाय धन-संपत्ति से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत असरदार माना जाता है।

  • क्या करें: पूर्णिमा के दिन पूजा के समय 11 पीली कौड़ियां लें। इन पर पिसी हुई हल्दी का लेप लगाएं और इन्हें मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। पूजा समाप्त होने के बाद, इन कौड़ियों को उठाकर लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाली जगह पर रख दें।
  • क्यों है यह खास: कौड़ियों को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। हल्दी के साथ इन्हें तिजोरी में रखने से धन आकर्षित होता है और पैसों से जुड़ी हर समस्या दूर होती है।

इस कार्तिक पूर्णिमा के दुर्लभ संयोग का पूरा लाभ उठाएं और इन सरल उपायों से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करें।