Kalashtami 2026 List : डर और बाधाओं को दूर करना है, तो साल की पहली कालाष्टमी से शुरू करें ये खास उपाय
News India Live, Digital Desk: धार्मिक आस्था रखने वालों के लिए 'कालाष्टमी' का दिन बहुत ही विशेष होता है। भगवान शिव के उग्र रूप, यानी भगवान काल भैरव को समर्पित यह दिन हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। लोग कहते हैं कि काल भैरव की पूजा करने से न सिर्फ मन का डर खत्म होता है, बल्कि जीवन में आ रही तमाम बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां भी दूर हो जाती हैं।
चूँकि 2026 की शुरुआत हो चुकी है, बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि जनवरी में कालाष्टमी कब है और पूरे साल यह व्रत किन-किन तारीखों को पड़ेगा।
जनवरी 2026 में कालाष्टमी कब है?
साल 2026 की पहली मासिक कालाष्टमी 11 जनवरी (रविवार) को मनाई जा रही है। रविवार का दिन होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। अगर आप अपने जीवन में अनुशासन और संकटों से मुक्ति चाहते हैं, तो साल की पहली कालाष्टमी का व्रत या पूजन करना आपके लिए शुभ हो सकता है।
कालाष्टमी 2026 की मासिक लिस्ट (तारीखें)
यूँ तो हर महीने कालाष्टमी आती है, लेकिन कुछ तारीखों को लेकर अक्सर भ्रम बना रहता है। यहाँ साल 2026 की मुख्य तारीखों की लिस्ट दी गई है, ताकि आप अपनी पूजा की तैयारी पहले से कर सकें:
- 11 जनवरी (रविवार)
- 10 फरवरी (मंगलवार)
- 11 मार्च (बुधवार)
- 10 अप्रैल (शुक्रवार)
- 10 मई (रविवार)
- 8 जून (सोमवार)
- 8 जुलाई (बुधवार)
- 6 अगस्त (गुरुवार)
- 5 सितंबर (शनिवार)
- 4 अक्टूबर (रविवार)
- 2 नवंबर (सोमवार)
- 2 दिसंबर (बुधवार) / 31 दिसंबर (गुरुवार - दूसरी बार)
काल भैरव की पूजा क्यों है जरूरी?
बहुत से लोग काल भैरव के उग्र रूप से डरते हैं, लेकिन हकीकत में वे अपने भक्तों के लिए बेहद दयालु और रक्षक माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगर किसी काम में बार-बार अड़चन आ रही है या कुंडली में ग्रहों की दशा ठीक नहीं है, तो कालाष्टमी के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाने और भैरव चालीसा का पाठ करने से बहुत शांति मिलती है।
व्रत और पूजन की सरल विधि
इसके लिए आपको बहुत भारी तामझाम करने की जरूरत नहीं है। बस सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ कपड़े पहनें और शाम के समय भगवान शिव या काल भैरव के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं। जो लोग व्रत रखते हैं, वे पूरे दिन फलाहार करते हैं। रात के समय भैरव आरती करना और काले कुत्ते को मीठी रोटी या बिस्कुट खिलाना बहुत पुण्य का काम माना जाता है।
एक छोटा सा सुझाव:
धर्म और विश्वास निजी मामला है, लेकिन किसी भी खास उपाय को करने से पहले अपने मन में सच्ची श्रद्धा रखें। बिना किसी दिखावे के की गई सरल पूजा भी बड़ा फल दे सकती है