बस अपना बैंक अकाउंट किराये पर दे दो, घर बैठे कमाई होगी: इस एक लालच ने हजारों स्टूडेंट्स का करियर बर्बाद कर दिया!
आजकल हर कॉलेज स्टूडेंट या नौकरी की तलाश कर रहा युवा चाहता है कि उसकी थोड़ी एक्स्ट्रा कमाई हो जाए। "वर्क फ्रॉम होम" या "पार्ट टाइम जॉब" सुनकर सबके कान खड़े हो जाते हैं। साइबर ठगों (Scammers) ने इसी नब्ज को पकड़ा है।
आजकल एक नया स्कैम बहुत जोर-शोर से चल रहा है। इसमें आपके पैसे चोरी नहीं होते, बल्कि आपको 'इस्तेमाल' किया जाता है। इसे तकनीकी भाषा में 'मनी म्यूल' (Money Mule) कहा जाता है। सुनने में यह शब्द अजीब लग सकता है, लेकिन इसका अंजाम बहुत भयानक है। आइये आसान भाषा में समझते हैं कि ये जाल कैसे काम करता है और आजकल के युवा इसमें कैसे फंस रहे हैं।
क्या है ये 'मनी म्यूल' (Money Mule) का खेल?
आसान शब्दों में 'म्यूल' का मतलब होता है खच्चर-जो बोझ ढोता है। यहाँ 'बोझ' है-चोरी का पैसा।
होता यह है कि साइबर अपराधी किसी और के खाते से लाखों रुपये चुराते हैं। अब अगर वो पैसा सीधे अपने खाते में डालेंगे, तो पुलिस उन्हें तुरंत पकड़ लेगी। इसलिए वे आपके बैंक अकाउंट को एक 'लॉन्ड्री मशीन' की तरह इस्तेमाल करते हैं। वे चोरी का पैसा आपके खाते में डालते हैं और आपसे कहते हैं कि आप अपना 10% कमीशन काटकर बाकी पैसा उनके बताए किसी दूसरे खाते में भेज दें।
आपको लगता है, "वाह! बैठे-बिठाए कमाई हो गई।" लेकिन असल में आप अनजाने में जुर्म का हिस्सा बन चुके होते हैं।
ऐसे फंसाते हैं युवाओं को (The Modus Operandi)
यह खेल अक्सर टेलीग्राम (Telegram), इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर एक लुभावने मैसेज से शुरू होता है।
- नकली जॉब ऑफर: "घर बैठे वीडियो लाइक करें और पैसे कमाएं" या "बस 2 घंटे काम करें और रोज 2000 रुपये कमाएं।"
- अकाउंट किराये पर लेना: कुछ ठग तो सीधे छात्रों से कहते हैं-"अपना बैंक अकाउंट हमें कुछ दिन के लिए दे दो, हम तुम्हें इसके बदले मोटा पैसा देंगे।"
- कमीशन का लालच: आपको कहा जाएगा कि आपके खाते में एक रक़म आएगी, उसे आगे ट्रांसफर कर दो और बीच का हिस्सा रख लो।
नतीजा क्या होता है?
जब जिस आदमी के पैसे चोरी हुए हैं, वो पुलिस में शिकायत करता है, तो पुलिस सबसे पहले पैसे को ट्रैक करती है। पैसा कहाँ गया? आपके खाते में!
पुलिस असली ठग तक पहुँचने से पहले आपके दरवाजे पर पहुँचती है।
- बैंक अकाउंट फ्रीज: आपका खाता तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है।
- पुलिस केस: आप पर धोखाधड़ी में मदद करने का आरोप लगता है। पुलिस को यह समझाना मुश्किल हो जाता है कि आप खुद शिकार हैं, मुजरिम नहीं।
- करियर पर दाग: एक बार पुलिस केस हो गया, तो आगे चलकर सरकारी नौकरी या विदेश जाने (Visa) में बहुत दिक्कत आती है।
खुद को और दोस्तों को कैसे बचाएं?
- अकाउंट पर्सनल है: अपना बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग का पासवर्ड कभी किसी को, चाहे वो दोस्त का दोस्त ही क्यों न हो, इस्तेमाल करने के लिए न दें।
- आसान कमाई एक छलावा है: याद रखें, बिना मेहनत के पैसा सिर्फ़ चूहों को पिंजरे में मिलता है। अगर कोई कहे कि बस पैसा इधर से उधर करना है, तो तुरंत ब्लॉक कर दें।
- अनजान पैसा आए तो बैंक को बताएं: अगर गलती से आपके खाते में कोई अनजान रक़म आ जाए, तो उसे खर्च न करें और न ही किसी को वापस भेजें। तुरंत बैंक को सूचित करें।
यह बात सिर्फ पैसों की नहीं है, यह आपके पूरे भविष्य की है। थोड़ी सी समझदारी आपको एक बहुत बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।