झारखंड के डिलीवरी बॉयज की चमकी किस्मत ,राज्यपाल ने दी मंजूरी, अब मिलेगी पक्की कमाई और मुफ़्त इलाज
News India Live, Digital Desk : चाहे कड़कड़ाती धूप हो, मूसलाधार बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड जब हम घर में रजाई में बैठे होते हैं, तब कोई न कोई हमारे खाने का पैकेट या ज़रुरी सामान लेकर दरवाजे पर खड़ा होता है। हम इन्हें 'डिलीवरी बॉय' कहते हैं, लेकिन तकनीकी भाषा में ये 'गिग वर्कर्स' (Gig Workers) कहलाते हैं।
इन मेहनती लोगों के लिए झारखंड से एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर आई है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'झारखंड गिग वर्कर्स (सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) विधेयक' को अपनी मंजूरी दे दी है। आसान शब्दों में कहें तो, अब यह एक कानून बन गया है जो लाखों कामगारों की तकदीर बदलेगा।
आखिर इस नए कानून में खास क्या है?
अब तक क्या होता था? कोई फिक्स टाइमिंग नहीं, कोई फिक्स सैलरी नहीं और भगवान न करे अगर एक्सीडेंट हो जाए, तो इलाज का खर्चा भी खुद उठाना पड़ता था। लेकिन अब यह सब बदलने वाला है।
- न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) की गारंटी: अब कंपनियां अपनी मनमानी से पैसे नहीं देंगी। सरकार तय करेगी कि एक डिलीवरी पार्टनर या ड्राइवर को कम से कम कितना पैसा मिलना चाहिए। यानी आपकी मेहनत की सही कीमत मिलेगी।
- फ्री बीमा (Insurance): सड़क पर काम करते वक्त हमेशा खतरा बना रहता है। इस कानून के तहत गिग वर्कर्स का बीमा कराया जाएगा। एक्सीडेंट या बीमारी की हालत में अब जेब से पैसे खर्च करने की टेंशन नहीं रहेगी।
- कल्याणकारी बोर्ड: सरकार एक खास बोर्ड बनाएगी जो गिग वर्कर्स की शिकायतों को सुनेगा। अगर कोई कंपनी (एग्रीगेटर) आपको परेशान करती है, तो आप इस बोर्ड में अपनी बात रख सकेंगे।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
यह कानून सिर्फ फूड डिलीवरी वालों के लिए नहीं है।
- डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy, Zepto आदि।
- कैब/बाइक ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido चलाने वाले साथी।
- अन्य ऐप्स: जो भी ऐप्स के जरिये जुड़कर सेवाएं (Services) देते हैं, वे सब इसके दायरे में आएंगे।
पैसे कहां से आएंगे?
सरकार ने इसका भी इंतजाम किया है। इस कल्याणकारी योजना को चलाने के लिए एक फण्ड (Fund) बनेगा। इसमें राज्य सरकार तो पैसा देगी ही, साथ ही इन बड़ी कंपनियों (एग्रीगेटर्स) को भी अपनी कमाई या टर्नओवर का कुछ हिस्सा (1-2%) जमा करना होगा। यानी जो कंपनियां आपकी मेहनत से कमा रही हैं, अब उन्हें आपकी सुरक्षा के लिए भी खर्च करना होगा।
एक नई शुरुआत
राजस्थान के बाद झारखंड ऐसा करने वाला देश का चुनिंदा राज्य बन गया है। यह उन हजारों नौजवानों के लिए सम्मान की बात है जो दिन-रात सड़कों पर मेहनत करते हैं।
तो दोस्तों, अगली बार जब कोई डिलीवरी बॉय आपके घर आए, तो उसे मुस्करा कर यह खबर जरूर सुनाइएगा। वाकई, यह एक ऐसा फैसला है जिसका स्वागत होना चाहिए।