नेपाल और बांग्लादेश के नाम पर क्यों धमकाने लगे झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी

नेपाल और बांग्लादेश के नाम पर क्यों धमकाने लगे झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी

झारखंड की राजनीति में बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक का दौर लगातार जारी है। राज्य सरकार के मंत्री और कांग्रेस के फायरब्रांड नेता इरफान अंसारी अपने एक ताजा और बेहद विवादित बयान के कारण राजनीतिक गलियारों में बड़े बवंडर के केंद्र में आ गए हैं। मंत्री इरफान अंसारी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान चेतावनी भरे अंदाज में नेपाल और बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कुछ ऐसा कह दिया, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस और हेमंत सरकार को घेरने का एक और बड़ा मौका मिल गया है। बीजेपी ने इस बयान को सीधे तौर पर देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला है। इस बयानबाजी के बाद झारखंड का राजनीतिक पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

मंत्री इरफान अंसारी के बयान से गरमाई सियासत, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

विवादों से पुराना नाता रखने वाले झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने अपने भाषण के दौरान जिस लहजे में नेपाल और बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देते हुए चेतावनियां दीं, उसने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के नेता लगातार इस तरह के भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर देश के भीतर अनावश्यक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार मंत्रियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना न केवल उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि यह कानून के राज को खुलेआम चुनौती देने जैसा है। बीजेपी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री को ऐसे मंत्रियों को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक मर्यादा पर उठ रहे गंभीर सवाल

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इरफान अंसारी द्वारा पड़ोसी देशों जैसे नेपाल और बांग्लादेश का बार-बार इस तरह के संदर्भों में इस्तेमाल करना भारत की कूटनीतिक मर्यादाओं के भी विरुद्ध है। भारत सरकार हमेशा से अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण, संतुलित और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के पक्ष में रही है। ऐसे में एक सूबे के मंत्री द्वारा इस तरह की बयानबाजी करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गलत संदेश देता है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव या राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए क्षेत्रीय भावनाओं या बाहरी देशों की स्थितियों को घरेलू राजनीति में घसीटना बेहद खतरनाक चलन है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक कांग्रेस पार्टी को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

झारखंड की सियासत में भूचाल, चुनाव से पहले बयानों की जंग हुई तेज

झारखंड में आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावों के लिहाज से इस तरह के बयान दोनों पक्षों के लिए चुनावी हथियार बनते जा रहे हैं। एक तरफ जहां बीजेपी इस एक बयान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस और जेएमएम गठबंधन को 'राष्ट्र विरोधी' और 'असंवेदनशील' साबित करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले में डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, मंत्री इरफान अंसारी के बयानों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि झारखंड के राजनीतिक अखाड़े में जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ने वाला है।