झारखंड में मानसून की विदाई के बाद बदला मौसम का मिजाज
झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई हो चुकी है, लेकिन राज्य के मौसमी मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून जाने के बाद अब राज्य में सुबह और देर रात गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है, जबकि दोपहर के समय धूप खिलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आज राज्य की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 28°C से 29°C रहने की संभावना है, वहीं राज्य की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर में पारा 32°C से 34°C के बीच पहुंचेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले 3-4 दिनों के दौरान पूरे प्रदेश में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश की संभावना नाममात्र की है।
रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत प्रमुख शहरों के तापमान का हाल
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है। रांची और आसपास के पठारी इलाकों में सुबह-शाम की हवाओं में हल्की कनकनी महसूस की जा रही है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 20°C तक पहुंच गया है, जिससे रात के समय सिहरन बढ़ गई है। इसके विपरीत, कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर, चाइबासा और सरायकेला क्षेत्र में दिन का पारा 34°C के आसपास रहने के कारण हल्की गर्माहट और उमस बनी हुई है। संताल परगना के दुमका, देवघर और धनबाद जिले में भी अधिकतम तापमान 31°C से 33°C के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम में इस बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मानसून की विदाई के साथ अब राज्य में कड़ाके की ठंड की उल्टी गिनती शुरू
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस साल झारखंड में मानसून का प्रदर्शन सामान्य रहा है और अब उत्तर-पूर्वी हवाओं का प्रवाह धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी में भारी कमी आई है और शुष्क हवाएं चलने लगी हैं। मौसम विभाग का मानना है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से राज्य भर में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी, जिससे रात और अलसुबह के समय कोहरे (Fog) की परत दिखने लगेगी। धनतेरस और दीपावली के त्योहारों तक झारखंड में ठंड का असर पूरी तरह से महसूस होने लगेगा।
किसानों और आम जनता के लिए IMD की सलाह
मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहने के कारण मौसम विभाग ने राज्य के किसानों को धान की फसल की कटाई और रबी फसलों (जैसे सरसों, चना और गेहूं) की बुवाई के लिए यह समय उपयुक्त बताया है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को अब बारिश की वजह से फसल खराब होने का कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि, अचानक दिन और रात के तापमान में आ रहे 10 से 12 डिग्री के अंतर की वजह से वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके लिए डॉक्टरों ने रात के समय हल्के गर्म कपड़े इस्तेमाल करने की सलाह दी है।