न्याय प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, ज्योति सिंह मथारू ने की निष्पक्ष जांच की मांग; सीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
झारखंड के चर्चित फुसबंगला तेजाब कांड (Phusbangla Acid Attack Case) ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है और इस जघन्य मामले में न्याय की मांग को लेकर आवाजें तेज हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की तह तक जाने के लिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में जानी-मानी शख्सियत ज्योति सिंह मथारू ने इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई और न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले की सच्चाई से पर्दा उठाने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य के मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी, जिससे पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
क्या है फुसबंगला तेजाब कांड और क्यों गरमाया है मामला?
फुसबंगला इलाके में हुई तेजाब हमले की इस खौफनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया था। इस अमानवीय कृत्य में पीड़िता को शारीरिक और मानसिक रूप से जो प्रताड़ना झेलनी पड़ी, उसने पूरे समाज को हैरान कर दिया था। घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शुरुआत में मामले की रफ्तार और पुलिस की तफ्तीश पर पीड़ितों के परिजनों ने असंतोष जताया था। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कड़े कदम उठाए जाते और आरोपियों पर सख्त शिकंजा कसा जाता, तो आज पीड़ित परिवार को इस तरह दर-दर की ठोकरें न खानी पड़तीं।
ज्योति सिंह मथारू ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
इस संवेदनशील मामले में खुलकर सामने आते हुए ज्योति सिंह मथारू ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि तेजाब जैसे गंभीर मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। राजनीतिक या अन्य दबावों से ऊपर उठकर इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली गुनाहगार कानून की गिरफ्त से बचने न पाए। उनका यह भी कहना है कि जब तक इस मामले में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जाती, तब तक समाज में सुरक्षा का संदेश नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट, आगे क्या होगा?
इस पूरे प्रकरण को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए अब एक ठोस कदम उठाया जा रहा है। फुसबंगला तेजाब कांड से जुड़े तमाम तथ्यों, पुलिस जांच की कमियों और पीड़िता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट को जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ताकि सरकार के स्तर पर इस मामले का संज्ञान लिया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एसआईटी (SIT) या किसी अन्य उच्चाधिकार प्राप्त एजेंसी से जांच कराई जा सके। इस हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे।