स्कूटी के अंदर छिपे बैठे मेहमान को देख सहम गए लोग, खड़े हो गए रोंगटे

स्कूटी के अंदर छिपे बैठे मेहमान को देख सहम गए लोग, खड़े हो गए रोंगटे

भारत के विभिन्न इलाकों से आए दिन ऐसे हैरान करने वाले और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले सामने आते रहते हैं, जिन्हें देखकर इंसान की चीख निकल जाए। हाल ही में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया जब एक साधारण सी दिखने वाली स्कूटी के अंदर कोई और नहीं बल्कि करीब 6 फीट लंबा एक खतरनाक और जहरीला सांप आराम फरमा रहा था। जब स्कूटी के मालिक ने अपनी गाड़ी को स्टार्ट करने या उसके पार्ट्स की सफाई करने के लिए आगे का हिस्सा उठाया, तो उसके अंदर कुंडली मारकर बैठे इस लंबे सांप को देखकर उसके होश उड़ गए। इतनी सुबह-सुबह और अपने ही वाहन के भीतर इस अप्रत्याशित मेहमान को देखकर वाहन मालिक के पसीने छूट गए और उसने घबराकर तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही पलों में वहां भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस बात को लेकर सहम गया कि यदि यह सांप किसी को डस लेता तो नतीजा कितना भयानक हो सकता था। शहरी इलाकों में वाहनों और घरों के अंदर इस तरह से वन्यजीवों का छिप जाना इन दिनों एक आम समस्या बनती जा रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पास जाने की किसी की नहीं थी हिम्मत, डर के मारे कांप उठे स्थानीय लोग

स्कूटी के अंदर सांप के छिपे होने की खबर जैसे ही मोहल्ले और आसपास के दुकानदारों में फैली, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोई भी व्यक्ति उस स्कूटी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था क्योंकि वाहन का ढांचा बंद होने के कारण यह समझ पाना मुश्किल था कि सांप आखिर अंदर किस कोने में बैठा हुआ है। लोगों ने डर के मारे बच्चों को दूर हटाया और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एक अनुभवी स्नेक सेवर (सर्पमित्र) को दी ताकि समय रहते इस खतरे को टाला जा सके। गर्मी और नमी के मौसम में अक्सर सांप ठंडी जगहों या वाहनों के इंजन के आसपास शरण लेने के लिए चले जाते हैं, और ऐसा ही कुछ इस स्कूटी के साथ भी हुआ था। भीड़ में खड़े लोग अपने-अपने मोबाइल से इस दृश्य को कैद करने लगे, लेकिन किसी में भी इतनीकौशलता या साहस नहीं था कि वह अपने दम पर उस सांप को बाहर निकाल सके। हर कोई बस यही प्रार्थना कर रहा था कि जल्द से जल्द कोई विशेषज्ञ वहां पहुंचे और इस आफत से उन्हें मुक्ति दिलाए।

स्नेक सेवर की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, छूटे पसीने

सूचना मिलते ही कुछ ही देर में पेशेवर स्नेक सेवर अपनी जरूरी उपकरणों और रेस्क्यू किट के साथ मौके पर पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने सबसे पहले स्कूटी के आसपास की भीड़ को पीछे हटाया ताकि सांप डरकर और अधिक आक्रामक न हो जाए। स्नेक सेवर ने जब स्कूटी के पैनल, प्लास्टिक कवर और इंजन के आसपास के हिस्सों को एक-एक करके खोलना शुरू किया, तो अंदर का नजारा देखकर उनके भी माथे पर पसीने की बूंदें चमक उठीं। वह लगभग 6 फीट लंबा सांप स्कूटी के बेहद संकरे और पेचीदा हिस्सों में पूरी तरह से लिपटा हुआ बैठा था, जिसे बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालना एक लोहे के चने चबाने जैसा कठिन काम था। अपनी जान की परवाह किए बिना और बेहद सावधानी के साथ सर्पमित्र ने घंटों तक उस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। कभी पेचकस से स्कूटी के नट खोलना तो कभी धीरे से सांप की पूंछ को नियंत्रित करना, यह प्रक्रिया बेहद तनावपूर्ण और जोखिम भरी थी, जिसमें जरा सी चूक भारी पड़ सकती थी।

सुरक्षित बाहर निकाला गया सांप, जंगल में छोड़कर ली गई राहत की सांस

लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत, सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए आखिरकार स्नेक सेवर ने उस 6 फीट लंबे सांप को स्कूटी के अंदर से सुरक्षित बाहर खींचने में सफलता हासिल कर ली। सांप के बाहर आते ही वहां खड़े लोगों की अटकी हुई सांसें वापस लौटीं और सभी ने ईश्वर का शुक्र अदा किया कि किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। स्नेक सेवर ने उस खतरनाक सांप को तुरंत एक सुरक्षित और मजबूत प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया ताकि उसे इंसानी आबादी से दूर किसी सुरक्षित जंगल या प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सर्पमित्र की बहादुरी की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि वाहनों का इस्तेमाल करने से पहले विशेषकर ग्रामीण या बाहरी इलाकों में उनकी ठीक से जांच कर लेनी चाहिए और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।