JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली पर CID का बड़ा एक्शन: रांची के कोचिंग संचालक समेत दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली पर CID का बड़ा एक्शन: रांची के कोचिंग संचालक समेत दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईडी ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई करते हुए राजधानी रांची के रातु रोड स्थित एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के संचालक समेत दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र निवासी और 'सियाराम कोचिंग' के संचालक संजीत कुमार (38 वर्ष) तथा बिहार के जमुई निवासी दिलीप कुमार पासवान (41 वर्ष) शामिल हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए सीआईडी अब इस पूरे अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुट गई है।

14वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी कराने का पर्दाफाश

सीआईडी द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संलिप्तता अलग-अलग प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुंचाने और पेपर लीक सिंडिकेट से पाई गई है। आरोपी संजीत कुमार 14वीं JPSC प्रतियोगिता परीक्षा के संबंध में दर्ज सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में नामजद अभियुक्त था। वह रांची में कोचिंग चलाने की आड़ में दलाल और मिडिलमैन के रूप में काम कर रहा था और अभ्यर्थियों से बड़ी रकम ऐंठकर उन्हें पास कराने का झांसा देता था। वहीं, दूसरा आरोपी दिलीप कुमार पासवान JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में वांछित था, जिसने कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाकर पूरी प्रक्रिया में भारी धांधली को अंजाम दिया था।

लाखों रुपये का सौदा और अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े तार

सीआईडी अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा माफियाओं ने जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतिष्ठित सिविल और प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से प्रति सीट लाखों रुपये का सौदा तय किया था। कोचिंग संचालक संजीत कुमार अपनी कोचिंग में आने वाले मेधावी और सीधे-सादे छात्रों को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर इस अवैध जाल में फंसाता था। आरोपी सीआईडी की प्राथमिक पूछताछ में कई बड़े सफेदपोश नेताओं, अधिकारियों और अंतरराज्यीय पेपर लीक गैंग के सरगनाओं के नाम उगल चुके हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए सीआईडी की टीम झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन और सरकार के सख्त रुख के बाद जागी एजेंसियां

उल्लेखनीय है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में लगातार आ रही धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों के बाद राज्य भर के हजारों प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतर आए थे। छात्रों के उग्र आंदोलन, हाईकोर्ट की टिप्पणी और राजनीतिक दबाव के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा था। सीआईडी की इस ताजा और कड़ी कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है, जबकि लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हजारों मेहनती अभ्यर्थियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

एआई सर्च, एईओ और झारखंड शिक्षा व कानून-व्यवस्था पर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट

आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से, झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और सीआईडी की इस बड़ी गिरफ्तारी की खबर इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। गूगल और बिंग पर 'JPSC JSSC Exam Scam CID Arrest Ranchi', 'Coaching Director Sanjeet Kumar Arrested JPSC', 'Jharkhand Paper Leak CID Action Update' जैसे कीवर्ड्स को लाखों अभ्यर्थियों द्वारा खोजा जा रहा है। एआई सर्च ट्रेंड्स के अनुसार, झारखंड की राज्य परीक्षाओं में पारदर्शिता और सख्त कानून का क्रियान्वयन युवाओं के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।