भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के टिकट के लिए मची लूट, लग गई लंबी कतारें

भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के टिकट के लिए मची लूट, लग गई लंबी कतारें

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का खुमार जब सिर चढ़कर बोलता है, तो फैंस का पागलपन किसी भी हद को पार कर जाता है, और इसका ताजा उदाहरण भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले आगामी रोमांचक टी-20 मुकाबले के दौरान देखने को मिला है. जब भी देश में भारत का कोई बड़ा मैच होता है, तो स्टेडियम के टिकट काउंटर पर फैंस की दीवानगी देखने लायक होती है, लेकिन इस बार तो हद ही तब पार हो गई जब मैच के टिकट हासिल करने के लिए क्रिकेट प्रेमियों ने स्टेडियम के बाहर एक रात पहले ही यानी देर रात से ही अपनी डेरा डाल लिया और लंबी-लंबी कतारों में खड़े हो गए. भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस धमाकेदार टी-20 मैच को अपनी आंखों से देखने की बेताबी लोगों के सिर पर इस कदर सवार थी कि ठंड और रात की परवाह किए बिना हजारों की संख्या में युवा और बुजुर्ग टिकट खिड़की के बाहर अपनी बारी का इंतजार करने लगे. स्थिति इतनी बेकाबू होने लगी कि सुबह होने तक वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भगदड़ जैसी किसी अनहोनी को टालने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को दखल देना पड़ा और बल प्रयोग करके उस बेकाबू भीड़ को वहां से खदेड़ना पड़ा.

देर रात से ही टिकट खिड़की के बाहर उमड़ी भीड़, फैंस के बीच मची टिकट पाने की होड़

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर खेलप्रेमियों के बीच उत्साह का यह आलम था कि आधिकारिक तौर पर टिकट काउंटर खुलने के कई घंटे पहले से ही स्टेडियम के बाहर लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था. कुछ उत्साही क्रिकेट फैंस तो ऐसे थे जो रात के दो-तीन बजे ही बिस्तर छोड़कर कड़ाके की ठंड या मौसम की परवाह किए बिना स्टेडियम के बाहर पहुंच गए और अपनी जगह पक्की करने के लिए कतार में खड़े हो गए. जैसे-जैसे सुबह का सूरज निकला, वैसे-वैसे कतारें मीलों लंबी होती चली गईं और देखते ही देखते वहां हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया. ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स पर टिकटों की मारामारी और कुछ ही मिनटों में सभी पास बिक जाने के कारण लोगों के पास ऑफलाइन काउंटर ही एकमात्र विकल्प बचा था, जिसके चलते हर कोई किसी भी कीमत पर टिकट अपने हाथ में लेना चाहता था. इस आपाधापी और धक्का-मुक्की के माहौल के बीच फैंस के चेहरों पर जहां एक तरफ मैच देखने का गजब का उत्साह साफ झलक रहा था, वहीं दूसरी तरफ काउंटर पर कम टिकट उपलब्ध होने की आशंका को लेकर तनाव का माहौल भी बनता जा रहा था.

स्टेडियम के बाहर बेकाबू हुई भीड़, कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

सुबह होते-होते जब टिकट काउंटर के बाहर भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोगों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी और आपस में धक्का-मुक्की होने लगी, तो वहां तैनात सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूल गए. हालात को नियंत्रण से बाहर होते देख स्थानीय पुलिस प्रशासन को तुरंत कड़ा रुख अपनाना पड़ा, क्योंकि किसी भी प्रकार की भगदड़ से बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस अधिकारियों ने पहले तो लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने और कतार में अनुशासन से खड़े रहने की अपील की, लेकिन जब भीड़ मानने को तैयार नहीं हुई और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाइन को व्यवस्थित किया और अनावश्यक रूप से वहां खड़े भीड़ के हुजूम को तितर-बितर कर दिया. पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल जरूर बन गया, लेकिन अधिकारियों का यह सख्त कदम समय रहते एक बड़े हादसे को टालने के लिए बेहद जरूरी साबित हुआ. पुलिस ने साफ कर दिया कि स्टेडियम परिसर के आसपास कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा, ताकि सभी लोग सुचारू रूप से अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें.

क्रिकेट दीवानगी का ऐसा क्रेज, फैंस बोले- 'लाठी खानी पड़ी तो क्या, मैच तो स्टेडियम से ही देखेंगे'

पुलिस की सख्ती और लाठीचार्ज के बाद भी क्रिकेट प्रेमियों के सिर से मैच का भूत उतरने का नाम नहीं ले रहा था, और पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद भी लोग थोड़ी दूर पर जाकर फिर से जमा हो गए. कई फैंस ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे पिछले कई घंटों से लाइन में खड़े थे और उनके लिए टीम इंडिया का लाइव मैच देखना हर मुश्किल से बढ़कर है, इसलिए वे थोड़ी बहुत पुलिस की सख्ती झेलने के बावजूद अपनी कोशिश छोड़ने वाले नहीं हैं. भारत और वेस्टइंडीज के बीच की यह टी-20 सीरीज युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें चौकों-छक्कों की बरसात देखने को मिलती है और स्टार खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिलता है. इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक ऐसा धर्म है जिसके लिए लोग अपनी रातों की नींद और आराम कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें टिकट खिड़की पर घंटों संघर्ष क्यों न करना पड़े.