झारखंड में भारी बारिश से हाहाकार: उफान पर नदियां, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी; रांची एयरपोर्ट से 6 उड़ानें रद्द

झारखंड में भारी बारिश से हाहाकार: उफान पर नदियां, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी; रांची एयरपोर्ट से 6 उड़ानें रद्द

रांची। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के सक्रिय होने के कारण झारखंड के अधिकांश हिस्सों में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियां—स्वर्णरेखा, खरकई, दामोदर और कोयल—उफान पर हैं और कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार करने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और रामगढ़ सहित निचले इलाकों में जलभराव के कारण घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। वहीं, खराब दृश्यता (पुअर विजिबिलिटी) और प्रतिकूल मौसम के चलते रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर हवाई सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, जहां कम से कम 6 प्रमुख उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासनों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। कई जिलों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी रखा है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पार, खुले कई डैमों के फाटक

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के सभी प्रमुख जलस्रोतों और बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है:

  • स्वर्णरेखा और खरकई का रौद्र रूप: जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। तटीय बस्तियों—बागुहातु, कदमा, बागबेड़ा और मानगो के निचले इलाकों में नदी का पानी प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।

  • डैमों से पानी छोड़ने की मजबूरी: मैथन, पंचेत, चांडिल, तेनुघाट और गेतलसूद डैम में जलस्तर अधिकतम क्षमता के करीब पहुंचने के बाद उनके रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। डैमों से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।

  • तटीय इलाकों में अलर्ट: जल संसाधन विभाग ने सभी तटवर्ती क्षेत्रों में सायरन बजाकर लोगों को नदी के किनारों से दूर रहने और मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर ले जाने की चेतावनी जारी की है।

रांची एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक ठप, 6 उड़ानें रद्द और कई डायवर्ट

खराब मौसम और घने बादलों के कारण हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी रनवे के न्यूनतम संचालन मानक से काफी नीचे गिर गई:

  • उड़ानों का कैंसिलेशन: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से रांची आने-जाने वाली कम से कम 6 नियमित फ्लाइट्स को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया।

  • यात्रियों की परेशानी: टर्मिनल बिल्डिंग में सैकड़ों यात्री कई घंटों तक फंसे रहे। एयरलाइंस कंपनियों (इंडिगो, एयर इंडिया) ने यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक करने और प्रभावित उड़ानों के लिए मुफ्त री-शेड्यूलिंग या फुल रिफंड का विकल्प दिया है।

  • सड़क और रेल यातायात भी धीमा: भारी बारिश के कारण रांची-पटना और रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह जलभराव और भूस्खलन के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है। रेलवे पटरियों पर पानी भरने से कुछ पैसेंजर ट्रेनों के समय में भी फेरबदल किया गया है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात, हेल्पलाइन नंबर जारी

बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की है:

  • राहत और बचाव कार्य: पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और रांची के संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को बोट्स और लाइफ-जैकेट के साथ तैनात कर दिया गया है।

  • राहत शिविरों की स्थापना: सरकारी स्कूलों और सामुदायिक भवनों में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।

  • कंट्रोल रूम सक्रिय: जिला स्तर पर 24x7 आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वे जलमग्न पुलों को पार करने की कोशिश न करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें।

मौसम विभाग के अनुसार जब तक बंगाल की खाड़ी से उठा मौसमी तंत्र कमजोर होकर आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति को संभालना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।