झारखंड के पूर्व CM अर्जुन मुंडा ने बांसुरी पर छेड़ी मधुर तान

झारखंड के पूर्व CM अर्जुन मुंडा ने बांसुरी पर छेड़ी मधुर तान

राजनीति की भागदौड़, चुनावी रणनीतियों और जनसेवा के व्यस्त जीवन के बीच कई बार ऐसे भावुक पल सामने आते हैं जो इंसान के सहृदय और संवेदनशील पहलू को दुनिया के सामने लाते हैं। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) का एक ऐसा ही बेहद भावुक और मन को छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। अर्जुन मुंडा ने अपनी बीमार मां के बिस्तर के पास बैठकर बांसुरी पर ऐसी सुरीली और मधुर तान छेड़ी कि दर्द से जूझ रही मां के चेहरे पर अचानक सुकून भरी मुस्कान तैर गई। बेटे के हाथों से निकलती बांसुरी की मीठी धुन ने न केवल कमरे का माहौल बदल दिया, बल्कि संगीत के जरिए मां और बेटे के रिश्ते की उस पवित्र डोर को भी उजागर किया जो शब्दों से परे है। राजनीति की व्यस्तताओं को पीछे छोड़ एक बेटे का अपनी वृद्ध और अस्वस्थ मां के प्रति यह स्नेह देख हर कोई उनकी सादगी और पारिवारिक मूल्यों की जमकर तारीफ कर रहा है।

राजनीति की चकाचौंध से दूर एक बेटे का मां के प्रति अनूठा प्रेम और समर्पण

झारखंड की राजनीति के दिग्गज नेताओं में शुमार और तीन बार राज्य की कमान संभाल चुके अर्जुन मुंडा अपनी सादगी और कला प्रेम के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक जीवन में भले ही वे रैलियों और बैठकों में व्यस्त रहते हों, लेकिन जब बात परिवार और मां की आती है, तो वे एक आम और समर्पित बेटे के रूप में नजर आते हैं। अर्जुन मुंडा की माताजी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही हैं और उनका घर पर ही इलाज चल रहा है। अपनी मां के स्वास्थ्य का हाल जानने और उनकी सेवा करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने जब देखा कि मां अस्वस्थता के कारण तनाव और दर्द महसूस कर रही हैं, तो उन्होंने अपनी कला का सहारा लिया। उन्होंने अपनी बांसुरी निकाली और मां के करीब बैठकर भक्ति व लोकधुन पर आधारित मधुर संगीत बजाना शुरू कर दिया।

बांसुरी की सुरीली धुन ने मां को दिया असीम सुकून, चेहरे पर आई राहत भरी मुस्कान

जैसे ही अर्जुन मुंडा ने बांसुरी पर अपनी उंगलियां फिराईं, कमरे में बांसुरी की सुरीली आवाज गूंजने लगी। संगीत की उस पावन और शांत लहर का असर यह हुआ कि बिस्तर पर लेटी उनकी मां के चेहरे के भाव बदलने लगे। दर्द और अस्वस्थता के बीच उनकी मां के होठों पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई और वे टकटकी लगाए अपने बेटे को बांसुरी बजाते हुए देखने लगीं। यह एक ऐसा क्षण था जहां राजनीति की तमाम बड़ी बातें और पद पीछे छूट गए और केवल एक मां-बेटे का निस्वार्थ प्रेम सामने आ गया। अर्जुन मुंडा खुद भी इस दौरान पूरी तरह संगीत में लीन नजर आए। वहां मौजूद लोगों ने इस खूबसूरत और भावुक लम्हे को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

अर्जुन मुंडा के बहुमुखी प्रतिभा और कला प्रेम की पहले भी रही है खूब चर्चा

यह पहली बार नहीं है जब अर्जुन मुंडा का कलात्मक और संगीतमय रूप दुनिया के सामने आया हो। पूर्व केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री रहने के दौरान भी वे कई मौकों पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों, नगाड़ा और बांसुरी पर अपना हाथ आजमाते देखे गए हैं। झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, संगीत और कला से अर्जुन मुंडा का जुड़ाव हमेशा से गहरा रहा है। वे कई अवसरों पर सार्वजनिक मंचों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बांसुरी बजाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर चुके हैं। लेकिन अपनी बीमार मां के सामने बजाई गई इस बांसुरी की तान की बात ही अलग थी, क्योंकि इसमें किसी मंच की वाहवाही नहीं बल्कि एक बेटे की अपनी मां के स्वास्थ्य और चेहरे पर मुस्कान लाने की सच्ची तड़प शामिल थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक पल, हर कोई कर रहा सादगी की जमकर तारीफ

जैसे ही पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा का यह वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आया, लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। आम नागरिकों से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जाने-माने समाजसेवियों ने इस भावुक दृश्य की सराहना की है। लोगों का कहना है कि भारतीय संस्कृति में मातृ देवो भव: का जो संदेश दिया गया है, अर्जुन मुंडा का यह आचरण उसका सबसे जीवंत और प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस दौर में जहां लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनों के लिए समय नहीं निकाल पाते, वहीं एक बड़े नेता का अपनी मां को सुकून देने के लिए बांसुरी बजाना समाज के लिए एक गहरा और सकारात्मक संदेश देता है। यह वीडियो हर किसी के दिल को छू रहा है और मां-बेटे के अनमोल रिश्ते की मिसाल पेश कर रहा है।