चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का झारखंड में तांडव: लगातार 96 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश
झारखंड राज्य इन दिनों प्रकृति के बेहद आक्रामक और विकराल रूप का सामना कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान 'अर्णब' (Cyclone Arnab) और गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले 96 घंटों यानी चार दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आसमान से बरस रही इस आफत ने पूरे झारखंड का जनजीवन पूरी तरह से थाम कर रख दिया है। राजधानी रांची से लेकर जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और पलामू तक हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार चार दिनों से हो रही इस झमाझम बारिश के चलते राज्य के कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और कई जगहों पर सड़कों का संपर्क टूट जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रणाली (Power Supply System) पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ट्रांसफार्मर जलने और कई घंटों तक बिजली गुल रहने से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है।
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से उत्पन्न इस आपदा ने प्रशासन और आम नागरिकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों से पेड़ उखड़ने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और जलभराव की वजह से ट्रैफिक जाम की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार बरस रहे बादलों के कारण राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है। किसानों की धान और अन्य खरीफ फसलें जो पककर तैयार थीं, इस भयंकर बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का अंदेशा सता रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि चक्रवाती तूफान 'अर्णब' का झारखंड में कितना व्यापक असर देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग के अनुसार राज्य के लोगों को इस मुसीबत से कब तक राहत मिलने की उम्मीद है।
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के कारण झारखंड के विभिन्न जिलों का बुरा हाल
पिछले 96 घंटों से लगातार जारी इस मूसलाधार बारिश के चलते झारखंड के प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे इस चक्रवाती सिस्टम ने झारखंड के आसमान पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है, जिसके चलते रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी है। रांची में कई जगहों पर सड़कों पर नदियां जैसा नजारा देखने को मिल रहा है और लोगों के घरों तथा बेसमेंट में पानी घुस गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। बिजली विभाग के कर्मचारी युद्धस्तर पर फॉल्ट सुधारने में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बिजली बहाल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कब थमेगा बारिश का यह दौर और कब मिलेगी राहत?
झारखंड के आम नागरिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार इस मूसलाधार बारिश और चक्रवाती संकट से उन्हें कब छुटकारा मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने राहत भरी खबर देते हुए बताया है कि चक्रवाती तूफान 'अर्णब' अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और इसका असर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो जाएगी और मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन ने अभी भी एहतियात के तौर पर लोगों से उफनती नदियों और कमजोर इमारतों के पास न जाने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।