झारखंड के राजनीतिक गलियारों से आई बड़ी खबर, सुस्त पड़ी सेहत
झारखंड की राजनीति और सोरेन परिवार से जुड़ी एक बेहद अहम और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे भाई और दुमका विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक बसंत सोरेन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। उनकी गंभीर तबीयत को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सीय इलाज के लिए विदेश यानी सिंगापुर ले जाया गया है, जहां एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में उनका इलाज लगातार जारी है। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर परिवार के भीतर गहरी चिंता बनी हुई है और इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद अपने छोटे भाई का हालचाल जानने के लिए जल्द ही सिंगापुर के दौरे पर रवाना हो सकते हैं।
पारिवारिक दुखों के बीच सिंगापुर में चल रहा है इलाज
सोरेन परिवार के लिए यह दौर बेहद संवेदनशील और भावनात्मक रूप से तनावपूर्ण रहा है। कुछ समय पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था जब माता रूपी सोरेन का निधन हो गया था। उस दौरान भी बसंत सोरेन के अत्यधिक अस्वस्थ होने और सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती होने के कारण वे अपनी माता के अंतिम संस्कार और मुखाग्नि जैसे अंतिम अनुष्ठानों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाए थे। परिवार के दोनों सदस्यों के बीच आत्मीय लगाव जगजाहिर है, ऐसे में भाई की लंबी बीमारी और विदेश में इलाज के चलते उत्पन्न हुई दूरियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। पैतृक गांव नेमरा में संपन्न हुए सभी पारंपरिक और धार्मिक अनुष्ठानों तथा दशकर्म के कार्यक्रमों से निवृत्त होने के बाद अब मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से सिंगापुर जाने का मन बनाया है।
20 या 21 अक्टूबर को सिंगापुर रवाना हो सकते हैं मुख्यमंत्री
मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने तमाम प्रशासनिक और राजनीतिक व्यस्त कार्यक्रमों को थोड़ा समेटते हुए 20 या 21 अक्टूबर को सिंगापुर की यात्रा पर निकल सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस विदेश यात्रा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बुलेटिन या विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि पारिवारिक जिम्मेदारी और भाई के प्रति स्नेह निभाते हुए वे जल्द ही वहां पहुंचेंगे। इस संभावित दौरे का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में भर्ती बसंत सोरेन से आमने-सामने मिलकर उनका ढांढस बंधाना और वहां के डॉक्टरों से सीधे बात करके उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट की वस्तुस्थिति को समझना है।
झामुमो का बयान और सोशल मीडिया की अफवाहों पर विराम
इस बीच, बसंत सोरेन के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक और मनगढ़ंत खबरें भी तैरने लगी थीं, जिस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा है कि इस तरह की बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पार्टी का दावा है कि बसंत सोरेन की सेहत में सुधार की प्रक्रिया जारी है और वे चिकित्सकीय देखरेख में पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बावजूद, परिवार के मुखिया और बड़े भाई होने के नाते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का व्यक्तिगत रूप से अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जानना बेहद स्वाभाविक और मानवीय कदम माना जा रहा है।
झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल
जैसे ही मुख्यमंत्री के संभावित सिंगापुर दौरे की खबर सार्वजनिक हुई, झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं और राज्य की आम जनता की निगाहें भी बसंत सोरेन के स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं। हर कोई उनके जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने गृहराज्य लौटने की कामना कर रहा है। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से पारिवारिक और निजी माना जा रहा है, फिर भी एक प्रदेश के मुखिया का इस तरह विदेश जाकर अपने विधायक भाई के इलाज की निगरानी करना और उनका संबल बनना राजनीतिक सीमाओं से परे पारिवारिक संस्कृति की एक मजबूत मिसाल पेश करता है।