जेपीएससी परीक्षा अनियमितता पर गरमाया माहौल, 4 और छात्र भूख हड़ताल पर बैठे, CID के शिकंजे में आए 3 और आरोपी
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहा छात्रों का ऐतिहासिक आंदोलन अब एक बेहद गंभीर और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ इस आंदोलन के समर्थन में 4 और छात्र अनशन पर बैठ गए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 और नए आरोपियों को दबोच लिया है, जिससे भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क की परतें तेजी से उधड़ने लगी हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे 4 नए छात्र, प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
छात्र नेता देवेंद्र महतो के समर्थन और जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर अब चार और युवाओं ने आमरण अनशन का रास्ता चुन लिया है। इन छात्रों का कहना है कि वे अपने भविष्य और झारखंड के लाखों युवाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। जैसे-जैसे छात्रों की भूख हड़ताल लंबी खिंचती जा रही है, वैसे-वैसे उनका स्वास्थ्य भी चिंता का विषय बनता जा रहा है, जिससे प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों में सरकार और आयोग के प्रति भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। छात्र लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सरकार बिना किसी देरी के उनकी सभी मांगों को स्वीकार करे।
CID की ताबड़तोड़ छापेमारी, 3 और लोग पहुंचे सलाखों के पीछे
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद की गहराई से जांच कर रही सीआईडी (CID) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीआईडी की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पुख्ता सुरागों के आधार पर छापेमारी करते हुए 3 और संदिग्धों को दबोच लिया है, जिन पर परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने और धांधली में मदद करने का गंभीर आरोप है। एजेंसी इन आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट के तार कहां-कहां तक फैले हैं और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नकल माफियाओं और भ्रष्ट तत्वों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है।
झारखंड की राजनीति और छात्रों का अगला कदम
छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सीआईडी की कार्रवाई के बीच झारखंड की सियासत में भी उबाल आ गया है। विपक्षी दलों के नेता लगातार सरकार को घेरते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां कैसे हो रही हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी दोषियों को सजा नहीं मिल जाती और जेपीएससी परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लागू नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष और अधिक उग्र रूप लेगा।