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April 13 2026 06:07 pm

Jharkhand Rail : झारखंड और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को पंख, नई लाइनों और फ्रेट कॉरिडोर से सुगम होगा सफर

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 News India Live, Digital Desk: झारखंड और बिहार के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों और व्यापारिक घरानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेल मंत्रालय ने दोनों राज्यों के बीच परिवहन और माल ढुलाई (Freight) को रफ्तार देने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

नई रेल लाइनों का बिछेगा जाल

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के खनिज बहुल क्षेत्रों को बिहार के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने के लिए नई रेल लाइनों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसमें हजारीबाग-गिरिडीह-कोडरमा और गया-चतरा जैसी महत्वपूर्ण लिंक लाइनों पर काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इन नई लाइनों के शुरू होने से रांची और पटना के बीच की दूरी भी सिमट जाएगी, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

फ्रेट कॉरिडोर: अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

परियोजना का एक मुख्य हिस्सा 'डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' (DFC) के नेटवर्क को और अधिक विस्तारित करना है। झारखंड से निकलने वाले कोयले और लौह अयस्क को बिहार के रास्ते उत्तर भारत के अन्य हिस्सों तक तेजी से पहुँचाने के लिए अतिरिक्त पटरियां बिछाई जा रही हैं। इससे मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी और मुख्य रेल लाइनों पर यात्री ट्रेनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या भी दूर होगी।

रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प

सिर्फ पटरियां ही नहीं, बल्कि स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची, धनबाद, पटना और गया समेत दर्जनों छोटे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें लिफ्ट, एस्केलेटर, वाई-फाई और बेहतर वेटिंग रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रेल अधिकारियों का मानना है कि स्टेशनों के विकास से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख परियोजनाओं पर एक नजर:

रांची-लोहरदगा-टोरी लाइन का विस्तार: माल ढुलाई के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करना।

इलेक्ट्रिफिकेशन (विद्युतीकरण): झारखंड और बिहार की सभी छोटी-बड़ी रेल लाइनों का 100% विद्युतीकरण लक्ष्य के करीब।

ब्रिज और अंडरपास: लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने के लिए भारी संख्या में आरओबी (ROB) और आरयूबी (RUB) का निर्माण।

कनेक्टिविटी से बदलेगी तस्वीर

झारखंड और बिहार की यह रेल कनेक्टिविटी न केवल लोगों के आने-जाने के साधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि इस पूरे बेल्ट में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। खासकर सीमावर्ती जिलों के व्यापारियों के लिए माल पहुँचाना अब सस्ता और तेज हो जाएगा। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स को पूरा कर लिया जाए ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।