Jharkhand Polities : हेमंत सोरेन को मिला कैबिनेट पोर्टफोलियो, चंपई सोरेन के भाजपा प्रवेश का असर
- by Archana
- 2025-08-16 15:04:00
News India Live, Digital Desk: Jharkhand Polities : झारखंड की राजनीति में उस वक्त एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, जब भाजपा में चंपई सोरेन के शामिल होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने हेमंत सोरेन को राज्य मंत्रिमंडल में जगह दी. यह कदम सियासी गलियारों में कई सवालों को जन्म दे रहा था, क्योंकि आमतौर पर विरोधी खेमे में जाने वाले नेताओं के कारण सत्ताधारी दल के दूसरे नेता को इसका लाभ मिल पाता है. यह घटना राज्य के राजनीतिक समीकरणों को साधने की एक रणनीति का हिस्सा मानी जा सकती है.
दरअसल, झामुमो का यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था, जिसका उद्देश्य परिवार के भीतर और पार्टी के आधार में संतुलन बनाए रखना था. झारखंड में सोरेन परिवार का राजनीतिक दबदबा बहुत पुराना है. ऐसे में किसी बड़े सदस्य का विपक्षी दल में शामिल होना झामुमो के लिए एक झटका हो सकता है. इस स्थिति में, हेमंत सोरेन को मंत्रिमंडल में शामिल करना पार्टी की ताकत को बनाए रखने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की एक सोची-समझी योजना प्रतीत होती है. इससे पार्टी संदेश देना चाहती थी कि भले ही कोई सदस्य पार्टी छोड़ रहा हो, लेकिन उसका मुख्य नेतृत्व मजबूत है और युवा पीढ़ी भी अहम जिम्मेदारियां संभालने को तैयार है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झामुमो ने हेमंत सोरेन को मंत्री बनाकर पार्टी के भीतर किसी भी संभावित टूट या असंतोष को रोकने की कोशिश की. चंपई सोरेन जैसे अनुभवी नेता के भाजपा में जाने से जो शून्य पैदा हुआ था, उसे भरकर पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश दिया कि पार्टी में वरिष्ठ सदस्यों की जगह युवा नेतृत्व भी आगे आ रहा है. यह विशेष रूप से चुनावों से पहले महत्वपूर्ण हो जाता है, जब राजनीतिक दल स्थिरता और एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहते हैं.
यह कदम झारखंड में आदिवासी राजनीति के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए, जहाँ सोरेन परिवार का प्रभाव बहुत गहरा है. परिवार के किसी भी सदस्य के बाहर जाने से पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए हेमंत सोरेन को मंत्रिमंडल में लाना झामुमो की रणनीति का हिस्सा था, ताकि पारंपरिक वोट बैंक और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखा जा सके. अंततः, यह नियुक्ति सिर्फ पद की बात नहीं थी, बल्कि पार्टी के दीर्घकालिक स्थायित्व और राजनीतिक प्रभुत्व को सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक निवेश था. इससे झामुमो ने अपने मुख्य मतदाताओं और समर्थकों को यह संदेश दिया कि नेतृत्व मजबूत हाथों में है और वह राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
Tags:
Share:
--Advertisement--