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March 22 2026 01:46 am

Jharkhand Politics : सीएम हेमंत सोरेन के सरस्वती-लक्ष्मी वाले बयान पर मचा बवाल भड़की बीजेपी

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) द्वारा देवी सरस्वती और माता लक्ष्मी को लेकर दिए गए एक कथित बयान ने राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान को 'सनातन धर्म' और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर चोट बताया है। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

क्या है विवादित बयान का पूरा मामला? (The Contention)

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षा और धन के संदर्भ में देवी सरस्वती और माता लक्ष्मी का जिक्र किया था।

सीएम का तर्क: उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा था कि केवल पूजा करने से ज्ञान या धन की प्राप्ति नहीं होती, बल्कि इसके लिए संघर्ष और मेहनत की आवश्यकता है।

बीजेपी का आरोप: बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उदाहरण देने के क्रम में देवी-देवताओं का उपहास उड़ाया है। पार्टी का तर्क है कि सोरेन ने अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए धार्मिक प्रतीकों पर कटाक्ष किया है।

बीजेपी का तीखा पलटवार: "यह आदिवासी संस्कृति नहीं"

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

सांस्कृतिक हमला: मरांडी ने कहा, "आदिवासी समाज भी प्रकृति और शक्ति की पूजा करता है। हेमंत सोरेन जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह झारखंड की संस्कृति और सनातन परंपरा के खिलाफ है।"

तुष्टिकरण का आरोप: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एक विशेष वोट बैंक को खुश करने के लिए हिंदू आस्था का अपमान कर रहे हैं।

झामुमो (JMM) की सफाई: "बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया"

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि बीजेपी हताशा में उनके बयानों को गलत संदर्भ में पेश कर रही है।

तार्किक दृष्टिकोण: पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री ने केवल यह समझाने की कोशिश की थी कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है और कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने किसी भी धर्म या देवता का अपमान नहीं किया है।

सियासी प्रोपेगेंडा: झामुमो ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास विकास के कोई मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वह धार्मिक विवाद पैदा कर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।

झारखंड में बढ़ सकता है सियासी पारा

आगामी चुनावों और वर्तमान राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के पुतले दहन करने और प्रदर्शन करने की घोषणा की है। वहीं, विपक्ष इसे विधानसभा में भी उठाने की तैयारी कर रहा है।