Jharkhand Festival Security: ईद, सरहुल और रामनवमी पर CM हेमंत सोरेन के 4 सख्त निर्देश, उपद्रवियों पर तत्काल एक्शन
News India Live, Digital Desk : झारखंड में आने वाले दिनों में एक साथ कई बड़े त्योहार मनाए जाने हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में राज्य के सभी डीसी (DC), एसपी (SP) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। सीएम ने कहा कि प्रशासन को 24×7 अलर्ट मोड में रहना होगा ताकि आम जनता बिना किसी डर के त्योहार मना सके।
1. 'सेफ जोन' और जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन
Safe Zones: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शोभायात्रा और जुलूस के मार्गों पर जगह-जगह 'सेफ जोन' बनाए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सके।
रूट चार्ट: सभी जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है।
ड्रोन और सीसीटीवी: पूरे जुलूस मार्ग की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से की जाएगी। साथ ही, जुलूस की पूरी गतिविधि का 'डॉक्यूमेंटेशन' (वीडियो रिकॉर्डिंग) भी अनिवार्य होगा।
2. सोशल मीडिया और अफवाहों पर कड़ी नजर
Cyber Vigil: मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
Quick Response: अफवाहों का खंडन करने के लिए जिला प्रशासन को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और त्वरित सूचना (Quick Response) देने का निर्देश दिया गया है।
3. डीजे (DJ) और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध
No Provocative Songs: त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार के भड़काऊ गाने या नारे लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
ध्वनि प्रदूषण: डीजे के उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। झंडों की ऊंचाई भी तय मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए।
4. बुनियादी सुविधाओं की सुचारू आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान नगर निगम और बिजली विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा है:
बिजली और पानी: शोभायात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति (Uninterrupted Power) और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
साफ-सफाई: इबादतगाहों और पूजा स्थलों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल टीम: एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को हाई अलर्ट पर रखने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत मदद पहुँचाई जा सके।