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March 27 2026 12:55 pm

Jharkhand crime : 8 साल, 408 तारीखें और 100 गोलियां, धनबाद के सबसे बड़े हत्याकांड पर आज आएगा फैसला

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Newsindia live,Digital Desk: धनबाद की धरती आज एक बार फिर उस हत्याकांड को याद कर रही है, जिसने न सिर्फ कोयलांचल, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 8 साल के लंबे इंतजार और कोर्ट की 408 तारीखों के बाद, आज वो दिन आ गया है जब धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में CBI की विशेष अदालत अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाएगी।

यह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि धनबाद के दो सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों के बीच की उस दुश्मनी का खूनी अंत था, जिसे लोग 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की असल कहानी कहते हैं।

क्या हुआ था उस खूनी शाम को?

वो 21 मार्च, 2017 की शाम थी। नीरज सिंह अपने काफिले के साथ घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी धनबाद के स्टील गेट इलाके के पास पहुंची, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमला इतना भयावह था कि एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से 100 से भी ज्यादा राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में नीरज सिंह के साथ-साथ उनके करीबी सहयोगी अशोक यादव, संतोष उपाध्याय और निजी चालक मुन्ना की भी मौके पर ही मौत हो गई थी।

कौन हैं इस केस के मुख्य आरोपी?

इस हत्याकांड का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि नीरज सिंह के अपने ही चचेरे भाई संजीव सिंह पर लगा, जो उस समय झरिया से बीजेपी के विधायक थे। इस केस में संजीव सिंह के अलावा उनके भाईयों समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। यह मामला 'सिंह मेंशन' और 'रघुकुल' (नीरज सिंह का आवास) के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा माना जाता है।

एक लंबा और उतार-चढ़ाव भरा ट्रायल

इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई पिछले 8 सालों से चल रही है। 408 तारीखों के बाद अब यह फैसला आने की दहलीज पर है। इस दौरान केस में कई मोड़ आए:

पूरे शहर की निगाहें कोर्ट पर

आज के फैसले को लेकर पूरे धनबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नीरज सिंह और संजीव सिंह, दोनों के परिवारों और उनके समर्थकों की सांसें अटकी हुई हैं। सबकी निगाहें सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के फैसले पर टिकी हैं।

यह फैसला न केवल यह तय करेगा कि नीरज सिंह के कातिल कौन हैं, बल्कि यह धनबाद की राजनीति और अपराध के गठजोड़ के इतिहास में एक नया अध्याय भी लिखेगा। क्या 8 साल बाद नीरज सिंह और उनके साथियों को इंसाफ मिल पाएगा? इसका जवाब आज मिल जाएगा।