Jharkhand : भाजपा SIR को कुटिल हथियार बना रही, सीएम हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं को दिए जवाबी हमले के मंत्र
News India Live, Digital Desk: झारखंड की सियासत में 'मतदाता सूची' को लेकर घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को एक 'कुटिल अस्त्र' की तरह इस्तेमाल कर रही है। रांची स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में सोरेन ने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि विपक्ष की इस चाल का जवाब जनता के बीच जाकर पूरी मुस्तैदी से देना होगा।
SIR की आड़ में खेल का आरोप
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 12 जिलों से आए जेएमएम पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है ताकि अपने पक्ष में माहौल बनाया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव और बूथ-बूथ पर जाकर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से कटने न पाए। सोरेन ने कहा, "यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आपके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जंग है।"
कार्यकर्ताओं को दिए ये 3 'विजय मंत्र'
सीएम सोरेन ने भाजपा की कथित रणनीति को नाकाम करने के लिए कार्यकर्ताओं को खास उपाय और दिशा-निर्देश दिए:
नाम जुड़वाने में करें मदद: हर योग्य नागरिक, विशेषकर युवाओं और वंचित वर्ग के लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
त्रुटियों को तुरंत सुधारें: वोटर लिस्ट में नाम, पता या अन्य जानकारियों में जानबूझकर की गई गलतियों को पहचानें और उन्हें तुरंत ठीक कराने के लिए फॉर्म भरें।
बूथ स्तर पर निगरानी: बूथ स्तर पर सक्रिय रहें और किसी भी तरह के 'फर्जी' नाम को सूची में जुड़ने से रोकें और किसी वैध मतदाता का नाम हटने न दें।
चुनावी तैयारियों और संगठन पर जोर
बैठक के दौरान आगामी जनगणना और भविष्य की चुनावी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि संगठन का ढांचा बूथ से लेकर जिला स्तर तक इतना मजबूत होना चाहिए कि विपक्ष के किसी भी दुष्प्रचार का तत्काल जवाब दिया जा सके। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय के संचालन में हुई इस बैठक में रांची, धनबाद, बोकारो और पलामू समेत कई जिलों के कद्दावर नेता शामिल हुए।
सरकारी नियुक्तियों और महिला सशक्तिकरण पर भी फोकस
राजनीतिक मोर्चाबंदी के बीच हेमंत सोरेन सरकार अपनी उपलब्धियों को भी भुनाने में जुटी है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने 314 महिला पर्यवेक्षकों और 61 सीडीपीओ (CDPO) को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर सुशासन की ओर एक बड़ा कदम बताया। सियासी पंडितों का मानना है कि सोरेन एक तरफ प्रशासनिक सक्रियता और दूसरी तरफ सांगठनिक मजबूती के जरिए भाजपा की घेराबंदी का तोड़ निकाल रहे हैं।